सीएम जयराम ठाकुर ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से भेंट की।
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हिमाचल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने पहले दिन राजभवन अधिकारियों से हिमाचल की संस्कृति, भौगोलिक स्थिति, नदियां तथा अन्य इतिहास-भूगोल के बारे में जानकारी हासिल की। किस अधिकारी का क्या काम है, इसका भी ब्योरा लिया। सुबह 10 बजे से लेकर राजभवन में बैठकों का दौर जारी रहा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राजभवन में राज्यपाल से भेंट कर जिला कांगड़ा में बाढ़ से हुए जानमाल के नुकसान और सरकार की ओर से किए गए इंतजाम को लेकर चर्चा की।
सीएम ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन एनडीआरएफ के सहयोग से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने और पुनर्वास के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। इस प्राकृतिक आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। जिन लोगों के मकान इस आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी सरकार मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। मंगलवार को उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। राज्यपाल ने इस प्राकृतिक आपदा के मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा कि राज्य सरकार उन सभी परिवारों को सहायता प्रदान कर रही है जिनके घर आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस दौरान डीजीपी संजय कुंडू, अन्य वरिष्ठ और पीसीसीएफ सविता कुमार ने भी राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और उनकी पत्नी अनघा आर्लेकर से शिष्टाचार भेेंट की। डीजीपी ने राज्यपाल को भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा में सुरक्षा बढ़ाने, प्रदेश की कानून-व्यवस्था, नारकोटिक्स अपराध, महिलाओं के खिलाफ अपराध, सड़क दुर्घटनाओं आदि के बारे में कार्रवाई के संबंध में भी अवगत करवाया।