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Himachal News: शिमला के गंज बाजार में आज भी महकते हैं ताजे मसाले, स्वाद की परंपरा बरकरार

Thu, 25 Jun 2026 12:53 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शिमला के ऐतिहासिक गंज बाजार की छह मसाला चक्कियां आज भी ताजे और शुद्ध मसालों की परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। पैकेट बंद मसालों की बढ़ती बिक्री के बावजूद लोग मिलावट रहित, ताजे और सस्ते मसालों के लिए यहां पहुंच रहे हैं। ब्रिटिश काल से चली आ रही यह परंपरा आज भी शहर और ऊपरी शिमला की रसोइयों का स्वाद बनाए हुए है। पढ़ें पूरी खबर...
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शिमला की गंज बाजार अनाज मंडी। जहां आज भी चक्की से मसाले पीसकर बेचे जाते हैं। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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ब्रिटिश काल के एडवर्ड गंज और मौजूदा गंज बाजार की चक्कियों में पिसे मसाले राजधानी शिमला में स्वाद की धरोहर कायम रखे हुए हैं। गंज बाजार की चक्कियों में पिसे मसालों की खुशबू से शहर समेत ऊपरी शिमला की रसोइयां आज भी महकती हैं। हालांकि, पैकेट बंद मसालों की बिक्री से दिनोंदिन चक्कियों के पिसे मसालों का कारोबार घट रहा है लेकिन स्वाद के शौकीन लोग यहां अपने सामने मसाले और अनाज पिसवाते हैं। यहीं से कभी ऊपरी शिमला के विभिन्न क्षेत्रों में अनाज और मसालों की आपूर्ति होती थी।

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शहर के विस्तार और जगह-जगह खुली दुकानों के कारण अनाज मंडी में ग्राहकों की संख्या कम हुई है, लेकिन आज भी स्वाद के शौकीन लोग यहां आकर अपने सामने मसाले और अनाज खरीदकर पिसवाते हैं। बाजार में जहां पैकेट बंद मसालों के कई ब्रांड उपलब्ध हैं, वहीं अनाज मंडी में आज भी छह मसाला चक्कियां सक्रिय हैं। यहां ग्राहक अपने सामने मसाले पिसवाकर ले जाते हैं, जिससे उन्हें मिलावट का कोई डर नहीं रहता है। गंज बाजार में हल्दी, जीरा, बड़ी इलायची, दालचीनी, लौंग, जायफल, तेजपत्ता, मेथी, सौंफ, स्टार फूल, राई और सरसों जैसे मसाले उपलब्ध हैं।

कई ऐसे मसाले भी यहां मिलते हैं, जो अन्य बाजारों में आसानी से नहीं मिलते। यही कारण है कि अनाज मंडी आज भी पिसे मसालों के लिए जानी जाती है। व्यापारी दीपक श्रीधर, उमेश कुठियाला और अशोक सोहल के अनुसार यहां अब आटा चक्कियों की संख्या कम हो गई है, लेकिन छोटी मसालों की छह चक्कियां अभी भी चल रही हैं। उनके अनुसार ग्राहक आज भी भरोसे के कारण यहीं से मसाले खरीदते हैं और पैकेट बंद मसालों की बजाय ताजे पिसे मसालों को प्राथमिकता देते हैं। व्यापारियों का यह भी कहना है कि पिसे और पैकेट बंद मसालों की कीमत में अंतर के कारण भी ग्राहक यहां आते हैं, क्योंकि यहां मसाले अपेक्षाकृत सस्ते मिलते हैं।

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कीमतों में भी अंतर
पैकेट बंद की तुलना में अनाज मंडी में पिसाकर बेचे जाने वाले मसाले सस्ते होते हैं। पैकेट बंद हल्दी (500 ग्राम) लगभग 240 रुपये, जबकि मंडी में एक किलो पिसी हल्दी 240 रुपये में मिलती है। पैकेट बंद हल्दी 100 ग्राम 40 रुपये में मिलती है, जबकि मंडी में 60 रुपये में लगभग 250 ग्राम पिसी हल्दी मिल जाती है। पैकेट बंद मिर्च पाउडर 500 ग्राम लगभग 250 रुपये का है, जबकि मंडी में 1 किलो पिसी मिर्च लगभग 350 रुपये में मिलती है। पैकेट बंद धनिया पाउडर 500 ग्राम 200 रुपये का है, जबकि मंडी में 1 किलो पिसा धनिया लगभग 240 रुपये में मिलता है। सस्ते दाम और मिलावट रहित होने के भरोसे के कारण आज भी गंज बाजार के पिसे मसाले शहर के कई घरों में स्वाद बढ़ा रहे हैं।
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