एक ही दफ्तर में अलग-अलग महंगाई भत्ता दे रही सरकार
प्रदेश के सार्वजनिक उपक्रमों में कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते (डीए) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने विधानसभा में स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने कहा कि एचपीएसईबीएल, एचपीपीटीसीएल और एचपीपीसीएल जैसी कंपनियों में महंगाई भत्ते की अलग-अलग दरें किसी संस्थान विशेष के कारण नहीं, बल्कि कर्मचारियों की पेंशन योजना के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कहना सही नहीं है कि किसी एक कंपनी के सभी कर्मचारियों को 60 फीसदी और दूसरी कंपनी के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। वास्तविकता यह है कि महंगाई भत्ते की दर कर्मचारी के एनपीएस, ओपीएस या ईपीएफ से जुड़े होने पर निर्भर करती है। नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। यह लाभ वित्त विभाग की 10 अक्तूबर 2024 को जारी अधिसूचना के तहत प्रदान किया जा रहा है। राज्य के सभी पात्र एनपीएस कर्मचारियों पर यह व्यवस्था समान रूप से लागू है। वहीं पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को 45 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। यह व्यवस्था वित्त विभाग की 15 अक्तूबर 2025 की अधिसूचना के अनुरूप लागू की गई है।