शिमला-धर्मशाला फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया धीमी होने के कारण इस राजमार्ग को 2021 तक तैयार करने के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दावे पर संशय बना हुआ है। अप्रैल महीने से तीन बार टेंडर कॉल करने के बावजूद अभी टेंडर नहीं हो पाए हैं।
3डी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। ज्वालामुखी-हमीरपुर, हमीरपुर-घुमारवीं, घुमारवीं-भराड़ीघाट, भराड़ीघाट-शिमला व ब्रह्मपुखर-कंदरौर सड़क में 3ए की अधिसूचना पर कार्य चल रहा है। पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सभी पैकेज के टेंडर 6 महीनों में करने का दावा किया था, लेकिन छह महीने बाद भी एनएच अथॉरिटी अभी तक फोरलेन का एक भी टेंडर नहीं कर पाया हैं।
इसका कारण भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बेहद धीमी होना बताया जा रहा है। पांच हजार करोड़ रुपये से बनने वाले इस राजमार्ग से शिमला-धर्मशाला की दूरी कम होनी है। पर्यटन की दृष्टि से भी प्रदेश को फायदा होना है।
शिमला-धर्मशाला फोरलेन के परियोजना निदेशक वाई ए राउत ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस राजमार्ग को एक वर्ष में पूरा कर सकता है, बशर्ते, सरकार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाए। इस राजमार्ग को जल्द पूरा करने के मकसद से ही एनएच अथॉरिटी ने इसे 5 पैकेज में बांटा है।