अंग्रेजों के जमाने में शिमला शहर को पानी की सप्लाई के लिए बनाई गई गुम्मा परियोजना के जल्द दिन बहुरेंगे। नगर निगम गुम्मा परियोजना की क्षमता बढ़ाने जा रहा है। अपग्रेड होने के बाद शहर को गुम्मा परियोजना से करीब 40 लाख लीटर अतिरिक्त पानी प्राप्त होगा।
मौजूदा समय में गुम्मा परियोजना से शहर को 15 से 18 एमएलडी पानी मिल रहा है, अपग्रेड होने के बाद परियोजना से शहर को 20 एमएलडी से अधिक पानी मिलेगा। नगर निगम गुम्मा परियोजना के पंप बदलने जा रहा है। परियोजना में चार पंप लगे हैं जो कि काफी पुराने हो चुके हैं।
नगर निगम करीब 1.30 करोड़ रुपये से पुराने पंपों की जगह नए पंप लगाएगा। नए पंपों से पंपिंग क्षमता बढ़ जाएगी। जिससे करीब 4 एमएलडी अधिक पानी मिलेगा। गुम्मा परियोजना की क्रेगनैनों से ढली तक करीब 4 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन भी बदली जाएगी। यह पाइप लाइन भी करीब सौ साल पुरानी है।
18 इंच मोटी इस पाइप लाइन में लीकेज के कारण पानी बरबाद हो रहा है। नई लाइन बिछने के बाद पानी की लीकेज बंद हो जाएगी और शहर को अतिरिक्त पानी मिल सकेगा। नगर निगम अमृत मिशन के तहत गुम्मा परियोजना को अपग्रेड करेगा। छह माह के भीतर नए पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
जल्द बदले जाएंगे पंप, नई लाइन भी बिछेगी
शहर में पानी की कमी को दूर करने के लिए गुम्मा परियोजना के पंपिंग स्टेशन में चार नए पंप लगाए जाने की योजना है। इसके लिए टेंडर खोल दिए गए हैं। इसके अलावा क्रैगनैनो से ढली तक 100 साल पुरानी पाइपों को बदलने के लिए एस्टीमेट आईपीएच विभाग को भेज दिया गया है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद काम पूरा कर लिया जाएगा। -राजेश कश्यप, निगम अभियंता
आज सेंट्रल जोन में होगी पानी की सप्लाई
शहर के मालरोड, लोअर बाजार, मिडल बाजार, बस स्टैंड, कृष्णानगर, लालपानी, छोटा शिमला, लोअर खलीनी, स्ट्राबेरी हिल में सोमवार को पानी आएगा।
अवैध निर्माण पर एमसी का शिकंजा, काम रुकवा 80 को नोटिस
टीसीपी संशोधन विधेयक की अधिसूचना के बाद शहर में लोग भवनों के नियमितीकरण के लिए धड़ल्ले से अवैध निर्माण कर रहे हैं। अवैध निर्माण करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए नगर निगम ने प्रक्रिया तेज कर दी है। रविवार को छुट्टी के बावजूद नगर निगम की टीमों ने कई जगहों पर कार्रवाई की।
अवैध निर्माण की सूचना मिलते ही संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। टीसीपी संशोधन विधेयक की अधिसूचना के बाद राजधानी शिमला में रात के अंधेरे में धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहा है। भवन नियमितीकरण की आस में लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं लेकिन ऐसा करने वाले लोगों के मकान नियमित नहीं होंगे। जिन मकानों को नगर निगम का नोटिस जारी हो रहा है वह नियमित नहीं हो पाएंगे।
आगामी 31 मार्च तक लोग अपने भवनों को नियमित करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। अब तक करीब 3500 लोगों ने आवेदन कर दिया है। लेकिन अधिसूचना में साफ कर दिया गया है कि 15 जून 2016 से पहले हुए निर्माण ही नियमित होंगे। 15 जून के बाद हुए निर्माण को नियमित नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाई भी की जाएगी। नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने बताया कि 15 जून 2016 के बाद अवैध तरीके से निर्माण कर रहे लोगों को टीसीपी संशोधन विधेयक का फायदा नहीं मिलेगा।
नगर निगम को अवैध निर्माण की शिकायतें मिल रही हैं, जिसके बाद नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जिन लोगों को नोटिस जारी हुए हैं उनके भवन नियमित नहीं होंगे। ऐसे लोगों के खिलाफ नगर निगम कड़ी कानूनी कार्रवाई भी करेगा। टीसीपी संशोधन विधेयक के तहत भवनों के नियमितीकरण के लिए आवेदन में फर्जी आंकडे़ देने वाले फंस सकते हैं।
नगर निगम के अधिकारी मौके पर जा कर आवेदन की जांच करेंगे। निरीक्षण के दौरान यदि भवन निर्माण 15 जून 2016 के बाद हुआ पाया गया तो आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। झूठी सूचना देने पर कार्रवाई भी होगी। नगर निगम ने शहर के जागरूक लोगों से अवैध निर्माण की सूचना तुरंत नगर निगम के कंट्रोल रूम में 1916 पर देने की अपील की है।
निगम का दावा है कि शिकायत मिलते ही संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया जाएगा, जिसके बाद अवैध निर्माण करने वाले का भवन नियमित नहीं हो पाएगा। टीसीपी संशोधन विधेयक की अधिसूचना जारी होने के बाद नगर निगम को अवैध निर्माण की भारी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं।
नशे में नेपाली ने तोड़ा एटीएम, पुलिस ने धरा
जुन्गा में यूको बैंक का एटीएम तोड़ते हुए एक नेपाली मूल के व्यक्ति को पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अमर बहादुर (35) के तौर पर हुई है। इसके पास से एक लोहे की छड़ भी बरामद की गई है। जिसका इस्तेमाल एटीएम पर किया गया। आरोपी सोमवार तक पुलिस रिमांड पर है। शनिवार रात करीब ग्यारह बजे आरोपी अमर सिंह हाथ में लोहे की छड़ लेकर बैंक के एटीएम में पहुंचा।
उसने सबसे पहले स्क्रीन को तोड़ा। वहां शोर होने पर एक व्यक्ति ने जुन्गा पुलिस चौकी को कॉल कर मामले की जानकारी दी। इस पर वहां हैड कांस्टेबल वीरेंद्र कुमार , कांस्टेबल प्रदीप कुमार और सतिंदर मौके पर पहुंचे और आरोपी को धर दबोचा। तब तक आरोपी एटीएम के उस हिस्से की एक परत भी तोड़ चुका था जहां से पैसे निकलते हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी नशे में भी था। उसे पुलिस चौकी ले जाया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे पैसों की जरूरत थी, इसलिए उसने एटीएम को तोड़ कर पैसा निकालने की सोची। आरोपी कभी कह रहा है कि वह कुफरी में घोड़े चलाता है तो कभी कह रहा है कि जुन्गा से कुछ दूर एक आरा मशीन में काम करता है।
आरोपी का रिमांड हासिल करने के बाद उसके बताए गए पते को जांच टीम वेरीफाई कर रही है। आरोपी कितनी आपराधिक वारदातों में इससे पहले शामिल रहा है इसका भी लगाया जा रहा है। उधर, एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ थाना ढली में एफआईआर दर्ज की गई है।
शहर को तीन मल्टीस्टोरी पार्किंगों का तोहफा
नगर निगम राजधानी शिमला को तीन नई मल्टीस्टोरी पार्किंगों की सौगात देने जा रहा है। आईजीएमसी, ढली और गंज बाजार में यह पार्किंग बनेंगी। इसी माह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तीनों पार्किंगों का शिलान्यास करेंगे। नगर निगम अमृत मिशन में करोड़ों की लागत से पार्किंग निर्माण करेगा। एक साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
तीनों पार्किंग में 500 वाहन पार्क हो सकेंगे। नगर निगम ने शहर को पार्किंग की किल्लत से राहत देने की योजना बनाई है। नगर निगम आईजीएमसी में पार्किंग की किल्लत को खत्म करने के लिए मेन गेट के नीचे बहुमंजिला पार्किंग बनाने जा रहा है। इस पार्किंग के बनने से अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों सहित अस्पताल स्टॉफ को बड़ी राहत मिलेगी।
अभी लोगों को अपनी गाड़ियां सर्कुलर रोड पर खड़ी करनी पड़ रही हैं जिसके चलते कई बार गाड़ियों के चालान भी हो जाते हैं। नगर निगम दूसरी बड़ी पार्किंग गंज बाजार के पास बनाने जा रहा है। सर्कुलर रोड पर होटल महामाया के पास से गंज बाजार के लिए जाने वाले भगत सिंह मार्ग और सर्कुलर रोड के बीच खाली पड़ी जगह पर पार्किंग बनेगी।
खरीददारी करने के लिए गंज बाजार, लोअर बाजार और माल रोड आने वाले लोगों को इस पार्किंग के बन जाने से बड़ी राहत मिलेगी। तीसरी पार्किंग ढली में बनाई जाएगी। नगर निगम के सामुदायिक भवन के पास डॉ. अंबेडकर रोड के किनारे बहुमंजिला पार्किंग बनाई जाएगी। शहर के सबसे बड़े उपनगर संजौली और ढली के हजारों बाशिंदों को इस पार्किंग से लाभ मिलेगा।
नगर निगम शिमला आयुक्त पंकज राय ने बताया कि शहर को पार्किंग समस्या से निजात दिलाने के लिए तीन नई मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाई जा रहा है। अमृत मिशन में आईजीएमसी, ढली और गंज में पार्किंग बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इसी माह पार्किंगों का शिलान्यास करवाया जाएगा। ढली पार्किंग की 200 वाहन, गंज बाजार पार्किंग की 50 वाहन और आईजीएमसी पार्किंग की 250 वाहन की क्षमता है।
आईजीएमसी से ही केएनएच की ड्यूटी बजा रहे डॉक्टर
गर्भवती और दूसरी महिलाओं को कमला नेहरू अस्पताल में ही बेहतर टेस्ट सुविधा देने के लिए यहां रेडियोलॉजी विभाग के एक प्रोफेसर और एक असिस्टेंट प्रोफेसर की सरकार ने नियुक्ति की है। इसके पीछे सरकार की मंशा थी कि एक ही छत के नीचे महिलाओं को बेहतर उपचार मिले और उन्हें टेस्ट करवाने के लिए आईजीएमसी अस्पताल के धक्के न खाने पड़े।
लेकिन मौजूदा समय में यह प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर केएनएच की जगह आईजीएमसी में ही विराजमान हैं और यहां रोटेशन में रजिस्ट्रार डॉक्टर और अन्य को भेजते हैं। विशेषज्ञ डाक्टरों के यहां न होने पर इसका खामियाजा मरीजों की ही भुगतना पड़ता है। साल 2013 में प्रदेश सरकार की ओर से केएनएच में एक प्रोफेसर और एक असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति करने का फैसला लिया गया। करीब दो साल पहले यह पद भर भी दिए गए।
इन्हें आईजीएमसी के रेडियालॉजी विभाग के साथ अटैच किया गया लेकिन इन्हें सेवाएं केएनएच में देनी थी और यहीं पर बैठना भी था। केएनएच में कई इमरजेंसी केस आते हैं और गर्भवती महिलाओं को भी कई तरह की दिक्कतें रहती हैं। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की जरूरत कभी भी पड़ जाती है। इसके लिए केएनएच को पूरी तरह से आईजीएमसी पर ही निर्भर रहना पड़ता था।
अल्ट्रासाउंड से संबंधित कुछ टेस्टों के लिए महिलाओं को आईजीएमसी जाना पड़ता था यहां उन्हें कई दिनों बाद की डेट दी जाती थी। इन सब परेशानियों के देखते हुए यहीं पर प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरे गए थे तैनाती के बावजूद ये विशेषज्ञ चिकित्सक रूटीन में यहां नहीं होते।
ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि फिर क्यों ये पद भरे गए जब इन्हें आईजीएमसी में ही बिठाना था। आईजीएमसी के प्राचार्य प्रो. अशोक शर्मा ने कहा कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। सोमवार को कार्यालय पहुंचने के बाद ही इस पर कोई टिप्पणी कर पाएंगे।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दो डिजिटल एक्सरे मशीन की घोषणा की थी। इनमें से एक मशीन आईजीएमसी और एक मशीन केएनएच में लगाई जानी है। इसके खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। एक मशीन की कीमत करीब दो करोड़ है। अब जब विशेषज्ञ डाक्टर ही यहां मौजूद नहीं रहते तो इस नई एक्सरे मशीन के खरीदने का क्या औचित्य है?
तारादेवी मंदिर में 70 किलो चांदी से सजेगी मां की शैय्या
तारादेवी मंदिर में मां की शैय्या 70 किलो चांदी से सजेगी। चांदी की इस शैय्या में आकर्षक डिजाइन बनाया जाएगा। इसके लिए किन्नौर से कारीगर बुलाए गए हैं। शैय्या के अलावा मंदिर के गर्भगृह के कपाट भी चांदी से बनाए जाएंगे। इसमें करीब 31 किलो चांदी का प्रयोग किया जाना है। जिला प्रशासन करीब 5 करोड़ की लागत से इस मंदिर का जीर्णोद्घार कर रहा है।
मंदिर का पूरी तरह कायाकल्प किया जाना है। नए मंदिर को माता के मूल स्थान पर ही बनाया जा रहा है। पहाड़ी शैली से इसका निर्माण किया जा रहा है। मंदिर की छतों और दीवारों पर लकड़ी की नक्काशी की जा रही है। मंदिर निर्माण में बेहतरीन देवदार की लकड़ी और शुद्ध चांदी का प्रयोग किया जा रहा है। मंदिर के भीतर माता की परिक्रमा के लिए भी प्रबंध किए जा रहे हैं। मंदिर करीब 50 फीट ऊंचा बनाया जाएगा।
मंदिर के मुख्य गर्भगृह में राजस्थान से टाइलें मंगवाई जा रही हैं। यह टाइलें दूधिया रंग की हैं। एसडीएम शिमला ग्रामीण ज्ञान सागर नेगी ने बताया कि आगामी अप्रैल माह तक मंदिर के जीर्णोद्घार का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। कार्य का निरीक्षण किया जा रहा है। तारादेवी मंदिर के परिसर का विस्तार किया जाएगा। इसमें एक समय में करीब 500 लोग एक साथ बैठ सकेंगे। मंदिर के बाहर आकर्षक रेलिंग भी लगाई जानी है।