फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: 976 दिनों से आंदोलनरत दृष्टिबाधितों का सचिवालय के बाहर चक्का जाम, पुलिस से धक्का-मुक्की

Tue, 16 Jun 2026 05:19 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले 976 दिनों से आंदोलन कर रहे हिमाचल प्रदेश दृष्टिबाधित एवं दिव्यांगजन संघ ने मंगलवार को शिमला सचिवालय के बाहर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
शिमला में धरना प्रदर्शन करते दृष्टिबाधित बेरोजगार संघ के लोग। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लंबित मांगों को लेकर पिछले 976 दिनों से संघर्ष कर रहे हिमाचल प्रदेश दृष्टिबाधित एवं दिव्यांगजन मंगलवार को एक बार फिर सड़कों पर उतर आए। राजधानी शिमला में प्रदेश सचिवालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने सुबह करीब 11 बजे अचानक चक्का जाम कर दिया, जिससे सचिवालय मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि कुछ देर बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को सड़क के किनारे बैठकर यातायात बहाल करवाया।

विज्ञापन


दृष्टिबाधित संघ ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। संघ ने कहा कि अगले चरण में प्रदेशभर से व्हीलचेयर पर निर्भर दिव्यांगों को शिमला बुलाया जाएगा और सचिवालय सहित शहर की प्रमुख सड़कों पर व्हीलचेयर के साथ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। दृष्टिबाधित संघ के सदस्य राजेश ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में दिव्यांग सचिवालय के समीप पहुंचे और सड़क के बीचों-बीच बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

चक्का जाम के चलते सचिवालय मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने यातायात को आंशिक रूप से बहाल कराया। प्रदर्शन के दौरान संघ के सदस्य राजेश ठाकुर ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि दिव्यांगों और दृष्टिबाधितों से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइल पिछले 136 दिनों से मुख्यमंत्री के पास लंबित है, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिससे दिव्यांग समुदाय में भारी रोष है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब संघ किसी मंत्री, सचिव या विभागीय अधिकारी के साथ वार्ता नहीं करेगा। संगठन केवल मुख्यमंत्री से सीधी बातचीत चाहता है और जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर मुलाकात नहीं करते, आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन

बैकलॉग पद भरने और सुविधाएं बहाल करने की मांग
संघ ने वर्ष 1995 से लंबित दिव्यांग और दृष्टिबाधित वर्ग के बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान चलाकर भरने की मांग दोहराई। खासकर चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्तियां जल्द करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा पूर्व में मिल रही सहारा योजना और अन्य कल्याणकारी सुविधाओं को बहाल करने की भी मांग की गई। राजेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि दिव्यांगों को वर्षों से मिल रहे अधिकार और सुविधाएं धीरे-धीरे समाप्त की जा रही हैं, जिससे उनका जीवन और अधिक कठिन हो गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें