कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। शारदीय नवरात्र 11 अक्तूबर से शुरू होंगे। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा और घट स्थापना की जाएगी, जबकि 20 को विजयादशमी के साथ नवरात्र का समापन होगा। इस वर्ष 19 को महाष्टमी और महानवमी का विशेष संयोग रहेगा। वशिष्ठ ज्योतिष सदन के अध्यक्ष एवं अंक ज्योतिषी पंडित शशि पाल डोगरा ने बताया कि नवरात्र आत्मशुद्धि, साधना और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना से मानसिक शांति और आत्मबल प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि शिमला क्षेत्र की गणना के अनुसार 11 को सुबह 6:21 से 6:55 बजे तक घटस्थापना का विशेष मुहूर्त है। इसके अलावा पूर्वाह्न 11:44 से दोपहर 12:30 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। पंडित डोगरा ने श्रद्धालुओं से नवरात्र के दौरान स्वच्छता, सात्विक आहार और संयम का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की आराधना के साथ सदाचार, सेवा और जरूरतमंदों की सहायता को भी जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।