सांसद शांता कुमार ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं की दृष्टि से सरकार की ओर से नई पर्यटन रोप-वे नीति ऐतिहासिक और सराहनीय कदम है। हिमाचल स्विट्जरलैंड से कम नहीं है।
लेकिन, अभी तक हम हिमाचल के उस सौंदर्य को विश्व को दिखा नहीं सके। तेजी से बढ़ते पर्यटन उद्योग की प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। देश ही नहीं, विश्वभर के निवेशक हिमाचल में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं।
लेकिन, इस संबंध में प्रदेश की पर्यटन नीति उनके अनुकूल नहीं थी। इस संबंध में सभी सरकारों से नीति बदलने का आग्रह किया गया। लेकिन, किसी भी सरकार ने नीति को नहीं बदला। अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है।
धौलाधार के अपार सौंदर्य को दिखाने के लिए चंबा से लेकर बैजनाथ तक रोप-वे से पर्यटन को बढ़ाया जा सकता है। पालमपुर में 1990 में रोप-वे का शिलान्यास भी करवाया गया था।
लेकिन, बाद में वह योजना आगे नहीं बढ़ी। बतौर केंद्रीय पर्यटन मंत्री रहते मदन लाल खुराना ने पालमपुर रोववे के लिए 90 लाख रुपये मंजूर किए। पैसा वापस चला गया। लेकिन, रोपवे नहीं बन पाया।