25 जून 1975 के दिन लगी इमरजेंसी का काला अध्याय वर्तमान सांसद शांता कुमार के जहन से नहीं उतरता है। उन्हें इस बात का दुख होता है कि सिर्फ इंदिरा गांधी के कुर्सी चले जाने के डर से पूरे देश को जेल में बदल दिया था।
लिहाजा, किस तरह से कांग्रेस ने देश के लोगों का जीने का अधिकार भी खत्म कर दिया था। शांता ने कहा कि यह दिन देश के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना याद दिलाता है।
43 साल पहले आपातकाल की घोषणा हुई थी और फिर पूरा देश एक जेलखाने में बदल गया था। देश पर कोई आक्रमण नहीं हुआ था, न कोई संकट आया था। कारण, केवल यह था कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द कर दिया था।
वह प्रधानमंत्री नहीं रह सकती थीं। एक लोकतंत्र में एक नेता की कुर्सी बचाने के लिए पूरे देश को जेलखाना बना दिया गया था। शांता ने कहा कि आपातकाल के खिलाफ संघर्ष और बलिदान देने वालों को हम श्रद्धांजलि देते हैं।