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Shimla News: एसएफआई ने छात्रों की लंबित मांगों पर विवि में किया प्रदर्शन

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हॉस्टलों में स्वच्छ पानी मुहैया कराने की मांग
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अतिरिक्त बसें चलाने का भी किया विवि से आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में शनिवार को एसएफआई इकाई ने छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर विवि प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया और कार्यकारी परिषद सदस्यों को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने विश्वविद्यालय में हॉस्टल, परिवहन, भर्तियों और बजट से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग उठाई।

आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की स्थापना के 56 वर्ष बाद भी छात्र बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। कैंपस सचिवालय सदस्य अखिल ने कहा कि परिसर में 14 हॉस्टल होने के बावजूद छात्रों को स्वच्छ पेयजल की कमी का सामना करना पड़ रहा है। हॉस्टलों में लंबे समय से मरम्मत कार्य नहीं हुए हैं, शौचालय, कमरों की संरचना, पाइपलाइन और पेंटिंग की स्थिति खराब है। श्रीखंड बॉयज हॉस्टल के नवीनीकरण में देरी पर भी सवाल उठाते हुए इसे जल्द पूरा करने की मांग की गई।
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उपाध्यक्ष अमन ने कहा कि विश्वविद्यालय में बसों की संख्या पहले आठ थी जो घटकर तीन रह गई है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बसें खरीदने का लेने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नई शिक्षा नीति 2020 के लागू करने के तरीके पर आपत्ति जताते हुए संगठन ने इस पर पुनर्विचार की मांग की। पदाधिकारियों के अनुसार वर्ष 2019 में निकली भर्तियों के नाम पर दो बार आवेदन शुल्क के रूप में बड़ी राशि ली गई लेकिन नियुक्तियां नहीं की गईं। प्रोफेसर भर्तियों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने दावा किया कि कुछ मामलों में न्यायालय के आदेश के बाद नियुक्तियां रद्द हुई हैं जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। एसएफआई ने इन भर्तियों की न्यायिक जांच कराने और विश्वविद्यालय स्तर पर जांच समिति गठित करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक छात्र आंदोलन शुरू किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
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