छात्र नेताओं का आरोप, अपनी नाकामी छुपा रहा विवि प्रबंधन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला की एसएफआई इकाई ने विवि के हॉस्टल आवंटन के नए नियमों का विरोध किया है। विवि ने ऐसे विद्यार्थियों को हॉस्टल में कमरे देने से इन्कार कर दिया है जिनके नाम एफआईआर में दर्ज हैं। इसके विरोध में एसएफआई कार्यकर्ताओं ने वीरवार को अधिष्ठाता अध्ययन और मुख्य छत्रपाल का घेराव किया।
छात्र नेताओं ने कहा कि यह विवि प्रबंधन का छात्रावास सुविधा से महरूम रखने और छात्रावास सुविधा उपलब्ध न करवा पाने की अपनी नाकामी छिपाने का प्रयास है। इकाई प्रधान योगी और सचिव रितेश ने कहा कि 2025-26 की शुरुआत हो चुकी और नए छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा प्रदान करवाने की प्रक्रिया जारी है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ऐसे छात्रों को हॉस्टल में कमरे नहीं दे रहा जिनका नाम एफआईआर में दर्ज है। उन्होंने इस कानून का विरोध किया और कहा कि इस नियम का मकसद विवि प्रशासन की मूल सुविधाएं मुहैया न करवाने की नाकामी के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों की चुप करवाना है। एफआईआर में नाम होना किसी को दोषी साबित नहीं करता। छात्रों को छात्रावास सुविधा से वंचित रखना और बाहर करना लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। दोनों प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि नियम पर विश्वविद्यालय कुलसचिव और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा करेगा। एसएफआई नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर इस गैर कानूनी नियम को जल्द वापस नहीं लिया तो एसएफआई इस तुगलकी फरमान के खिलाफ विश्वविद्यालय के छात्रों को संगठित करेगी।