शिमला। दिल्ली में प्रदर्शन करने पर रोक लगाए जाने के विरोध में एसएफआई ने संजौली में रैली निकालकर विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी नारे लगाए गए। एसएफआई नेताओं परवेश और अनिल ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है। प्रदर्शन पर रोक लगाना लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का प्रयास है। संगठन ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। एसएफआई ने शिक्षा, बेरोजगारी और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की नीतियों की आलोचना की। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। संवाद