पीटीए शिक्षकों के अनुबंध की राह में अब सर्विस ब्रेक रोड़ा नहीं बनेगी। बुधवार को पीटीए लेक्चरर्स एंड टीचर्स यूनियन का प्रतिनिधिमंडल फिर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिला। संघ के अध्यक्ष विवेक मेहता ने बताया कि चार जुलाई को संघ पहले भी मुख्यमंत्री से मिला था और उसी के संदर्भ में दोबारा भेंट की।
उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में पीटीए शिक्षकों के धरना प्रदर्शन, स्वास्थ्य अवकाश, निलंबन समय और अन्य अवकाश के समय को सेवा काल में जोड़ना और नियुक्ति के समय के आरएंडपी नियमों के अनुसार पीटीए शिक्षकों के 7 साल का कार्यकाल पूरा करने पर एक साल के विशेष अनुबंध के बाद नियमित करने की मांग शामिल थी।
बताया कि उनके अहम मामलों को लेकर सरकार का रुख बहुत सकारात्मक है। जिस कारण प्रदेश भर के स्कूलों में तैनात 6945 शिक्षक काफी आश्वस्त हो गए हैं। संघ के अन्य पदाधिकारी ललित ठाकुर, प्रताप फौजी, अमित मुखिया, हरिओम वर्मा और गगन चौहान ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को लेकर शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ चर्चा करके संशोधन के लिए भेजा जा चुका है।
पीटीए शिक्षक संघ के महासचिव शिशुपाल गाजटा और उपाध्यक्ष पंकज शर्मा ने बताया कि यदि उनकी मांगे मानी गई तो शिक्षकों के सेवाकाल में आया ब्रेक उनके अनुबंध में बाधक नहीं होगा और सात साल नौकरी कर चुके शिक्षक भी अनुबंध में आ जाएंगे। इस तरह सभी शिक्षकों को एक मुश्त अनुबंध का लाभ मिल सकेगा।