चेक बाउंस मामले में तीन माह का कारावास
शिमला। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की अदालत ने चेक बाउंस मामले में दायर याचिका की सुनवाई का निपटारा करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। इस मामले में अतिरिक्त न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर दो शिमला ने प्रवीण कुमार को दोषी करार दिया था। अदालत ने 11 जनवरी को दोषी को 170000 रुपये और तीन माह के कारावास की सजा सुनवाई दी। इसके अलावा इसमें 1,65,000 रुपये मुआवजा और 5000 जुर्माने की सजा सुनाई थी। शिकायतकर्ता रमीत सिंह ठाकुर ने दोषी प्रवीण कुमार को वर्ष 2016 में घर के निर्माण कार्य का ठेका दिया था। दोषी ने शिकायतकर्ता से पैसे उधार लिए थे। इसे चुकाने के लिए दोषी ने चेक दिया था जो बाउंस हो गया था। इस पर निचली अदालत ने दोषी को सजा सुनाई थी, बाद में दोषी ने इस पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में याचिका दायर कर दी थी। लेकिन जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की ऊपरी अदालत ने दोषी की अपील को खारिज किया और निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखने का निर्णय सुनाया।