ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज भवन नेरचौक (मंडी)
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नेरचौक में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज भवन को सरकार की ओर से टेकओवर करने के बाद स्वास्थ्य एवं राजस्व मंत्री कौल सिंह ने कॉलेज भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने अलग-अलग फैकल्टी में जाकर जानकारी ली। निरीक्षण के बाद मंत्री ने कहा कि श्रम मंत्रालय के अधीन ईएसआईसी की ओर से करीब आठ सौ करोड़ से तैयार मेडिकल कॉलेज भवन सरकार को सौंपने के लिए एमओयू किया गया।
कॉलेज शुरू होने के दो साल बाद 285 करोड़ श्रम मंत्रालय को पांच किस्तों में दिए जाएंगे। कॉलेज को सेल्फ फाइनांसिंग पर चलाया जाएगा। साढ़े तीन लाख की राशि के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के पास आवेदन किया है। नवंबर में एमसीआई टीम कॉलेज का निरीक्षण करेगी। वर्ष 2017-18 में मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कक्षाएं शुरू होंगी। 15 सीटें एनआरआई के लिए आरक्षित होंगी।
कौल सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज को चलाने के लिए हर साल 20 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इसका नामकरण करने को कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जाएगा। 31 अगस्त तक कॉलेज भवन का काम कर रही एनबीसीसी कंपनी एक-एक बिल्डिंग को तैयार कर सरकार के हैंड ओवर करेगी। कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए टीचिंग स्टाफ की कमी नहीं रहेगी।
टांडा, आईजीएमसी से रिटायर्ड प्रोफेसरों को 65 साल तक के लिए टीचिंग में मौका दिया जाएगा। नाहन में यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज में इस सत्र से एमबीबीएस कक्षाएं शुरू होंगी। चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं शुरू करवाने को एमसीआई के पास आवेदन किया है।
इस दौरान मेडिकल कॉलेज के एमएस एवं सीएसओ डॉ. देशराज शर्मा, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. टीसी महंत, डॉ. जोगिंद्र ठाकुर, एनबीसीसी कंपनी जीएम बीआर अरोड़ा, एनसीसी कंपनी जीएम अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।