प्रदेश के बहुचर्चित धारा-118 के तहत गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने की अनुमति देने के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार मामले की जांच कर रही विजिलेंस ने दो आरोपियों के सैंपल कॉल रिकार्डिंग की आवाज से मिलान के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिए हैं। इसके साथ ही विजिलेंस ने बाकी बचे आरोपियों को दोबारा नोटिस भेजकर सैंपल देने के लिए कहा है।
सूत्रों का कहना है कि चूंकि कोर्ट वायस सैंपल लेने की अनुमति दे चुका है। ऐसे में सभी आरोपियों को सैंपल देना ही पड़ेगा। सभी के सैंपल इसलिए जरूरी हैं ताकि इन सभी को फोन रिकॉर्डिंग में दर्ज आवाजों से मिलान कर केस को मजबूत किया जा सके। माना जा रहा है कि इस कथित रिकॉर्डिंग में ही प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त व पूर्व मुख्य सचिव पार्थ सारथी मित्रा से बातचीत की आवाज दर्ज है।
अगर आवाज का मिलान हुआ तो मित्रा की मुश्किलें बढ़ना तय है। उल्लेखनीय है कि मित्रा के प्रमुख सचिव राजस्व रहने के दौरान बड़ी संख्या में गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने के लिए धारा-118 की मंजूरी दी गई। आरोप है कि इस दौरान जमकर भ्रष्टाचार हुआ।
पांच से दस लाख रुपये तक घूस ली गई। अकेले 2010 में ही राजस्व विभाग ने ढाई सौ से ज्यादा मामलों में 118 के तहत अनुमति दे दी। जांच कर रही विजिलेंस को पिछले महीने विजिलेंस की मांग को स्वीकार करते हुए शिमला के विशेष जज वन की अदालत ने मामले से जुड़े पांच संदिग्ध आरोपियों के वायस सैंपल लेने की अनुमति दी थी।