पूर्व मुख्य सचिव पी. मित्रा मामले में कारोबारी का पॉलीग्राफ टेस्ट करने की तैयारी है। विजिलेंस ब्यूरो इसके लिए एक प्रश्नावली बना रहा है। माना जा रहा है कि ब्यूरो अहमदाबाद स्थित एक संस्थान में यह टेस्ट करवा सकता है। वहां प्रश्नावली और पत्र भेजकर समय मांगा जाएगा।
स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो वर्तमान में मित्रा के खिलाफ भू सुधार एवं मुजारियत अधिनियम की धारा 118 के तहत अवैध वसूली के आरोप में जांच कर रहा है। इसमें एक कारोबारी के शामिल होने का आरोप है। इस व्यापारी का पॉलीग्राफ टेस्ट करने की कोर्ट से मंजूरी मिल चुकी है, जबकि मित्रा ने स्वास्थ्य कारणों से इसकी कंसेंट न दे पाने की बात कर कोर्ट में एक अरजी दी है।
ऐसे में विजिलेंस ब्यूरो फिलहाल कारोबारी का ही पॉलीग्राफ टेस्ट करवा सकता है। पॉलीग्राफ टेस्ट को लाई डिटेक्टर टेस्ट भी कहा जाता है। इसमें एक मशीन से झूठ का पता लगाया जाता है। इस मामले में आरोप हैं कि जब मित्रा प्रधान सचिव राजस्व थे तो उन्होंने धारा 118 की मंजूरी की प्रक्रिया को अंजाम दिया। इसमें अवैध वसूली के आरोप लगाए गए हैं, जबकि पूछताछ में मित्रा इन आरोपों का खारिज कर चुके हैं।