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HPU Shimla: 13,000 पन्नों की आरटीआई से बाहर आएंगे एचपीयू शिमला शिक्षक भर्ती के राज, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 02 Aug 2022 10:44 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

एचपीयू में हुई शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों का खुलासा 13,000 पन्नों की आरटीआई से होगा। छात्र संगठन एसएफआई ने यह जानकारी विवि से आरटीआई में मांगी है। राज्य सूचना आयुक्त ने विवि को यह जानकारी मुहैया करवाने के आदेश भी दे दिए हैं। 
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 पूर्व कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के कार्यकाल में एचपीयू में हुई शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों का खुलासा 13,000 पन्नों की आरटीआई से होगा। छात्र संगठन एसएफआई ने यह जानकारी विवि से आरटीआई में मांगी है। राज्य सूचना आयुक्त ने विवि को यह जानकारी मुहैया करवाने के आदेश भी दे दिए हैं। रोचक पहलू यह है कि एसएफआई ने यह जानकारी लेने के लिए 26,895 रुपये की राशि चंदे से एकत्र की है और इसे जमा भी करवा दिया है। विवि ने भरोसा दिलाया है कि एक हफ्ते में जानकारी दे दी जाएगी। हालांकि, 13,000 पन्नों की आरटीआई जुटाने में विवि प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। एसएफआई के राज्य अध्यक्ष रमन थारटा ने यह सूचना मांगी है। रमन थारटा ने विवि प्रशासन से 2019 में विज्ञापित किए गए शिक्षकों के 200 से अधिक पदों की भर्ती प्रक्रिया में आए आवेदनों से लेकर हर अभ्यर्थी की ओर से जमा करवाए गए शिक्षण कार्य के अनुभव, पब्लिकेशन, रिसर्च  के साथ हर वो दस्तावेज मांगे हैं, जिसे उन्होंने अपने आवेदन के साथ जमा किया है। 

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एक साल पहले किया था आवेदन
आवेदनकर्ता ने 15 जुलाई  2021 को आवेदन किया था। इस पर विवि की ओर से जवाब मिला कि इतनी सूचना नहीं दी जा सकती। इस पर आवेदनकर्ता ने कुलसचिव के समक्ष अपील की, वहां से भी संतोषजनक जवाब न आने पर राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के पास सितंबर 2021 में आवेदनकर्ता रमन थारटा ने अपील की। इस पर जून 2022 में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने विवि प्रशासन को मांगी जानकारी उपलब्ध करवाने के आदेश दिए। इस पर विवि की ओर से आवेदनकर्ता को सूचना को उपलब्ध करवाने के लिए फोटोस्टेट के खर्च के रूप में 26, 895 रुपये जमा करवाने को कहा गया। यह राशि जमा करवा दी गई है। 

दस्तावेजों के साथ उजागर की जाएगी धांधलियां 
आरटीआई में मांगी भर्ती संबंधित जानकारी आने पर भर्तियों में हुई धांधलियों का पता लगाकर उसे सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उसके बाद जुटाए गए दस्तावेजों के आधार पर हुई गलत भर्तियों को लेकर न्यायालय से शिक्षक भर्ती की न्यायिक जांच की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा शिक्षक भर्तियों में हुई धांधली का पर्दाफाश करने के लिए सूचना प्राप्त करने को आवश्यक 26,000 से अधिक की राशि आम लोगों के सहयोग से एकत्र की गई है। -रॉकी, अध्यक्ष, एसएफआई विवि इकाई।
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आरटीआई मांगे जाने पर विश्वविद्यालय में हड़कंप 
 शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर मांगी आरटीआई से विवि में हड़कंप मच गया है। इससे भर्ती हुए शिक्षक भी घबराए हैं। वहीं जो धांधली के आरोप लगाते रहे हैं, उन्हें सूचना के जारी होने का बेसब्री से इंतजार है।

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