धुआं युक्त तंबाकू से फेफड़ों के कैंसर का खतरा रहता है, जबकि अन्य उत्पादों के सेवन में मुंह तथा गले के कैंसर बहुतायत देखने को मिलते हैं। राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गोपाल चौहान ने हिमाचल प्रदेश में तंबाकू नियंत्रण में किए जा रहे कार्यों तथा प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य तंबाकू का सेवन करने वालों की संख्या को 10 प्रतिशत से नीचे लाना है। स्वास्थ्य निदेशक डा. बलदेव ठाकुर ने स्वागत किया। हिमाचल प्रदेश वालंटरी स्वास्थ्य संस्था की अध्यक्ष पुष्पा चौहान ने धन्यवाद किया।
निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा मनोज तोमर, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन नीरज, विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सक, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।