आईजीएमसी अस्पताल में स्क्रब टायफस के संदिग्ध मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सर्दी-जुखाम से पीड़ित भी स्क्रब के संदेह से टेस्ट करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन डाक्टर लक्षण देखने के बाद ही टेस्ट करवाने का परामर्श दे रहे हैं। स्क्रब टायफस के टेस्ट की फीस 800 रुपये है।
लेकिन बढ़ते मामलों को देखते हुए टेस्ट फ्री कर दिया गया है। एक हफ्ते के भीतर अस्पताल में स्क्रब टायफस से दो मौतें हो चुकी है। इनमें एक महिला मरीज छोटा शिमला और युवक ठियोग का रहने वाला था। इस हफ्ते स्क्रब टायफस के 45 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। इस बात की पुष्टि वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने की है।
स्क्रब टायफस के लक्षण
तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है।
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार।
शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना।
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना
इस तरह करें रोकथाम
शरीर में सफाई का ध्यान रखें।
घर व आसपास के वातावरण को साफ रखें।
घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें।
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
ऐसे होता है स्क्रब टाइफस- यह रोग एक जीवाणु (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है, जो खेतों, झाड़ियों व घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टाइफस बुखार पैदा करता है।