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अमेरिकी पत्रिका ने छापा देश के इस साइंटिस्ट का शोध, न्यूटन के नियमों को किया है चैलेंज

Mon, 18 Jul 2016 09:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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अजय शर्मा - फोटो : फाइल फोटो
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अमेरिका की विज्ञान पत्रिका ‘इनफाइनाइट एनर्जी’ ने भी वैज्ञानिक अजय शर्मा के न्यूटन की गति से संबंधित शोध पत्र को ताजा अंक में प्रकाशित किया है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में सहायक निदेशक अजय शर्मा ने दावा किया कि न्यूटन की गति का दूसरा नियम न्यूटन ने नहीं, बल्कि यूलर ने दिया है।
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इस बात के स्पष्ट प्रमाण मेथेमेटिकल एसोसिएशन ऑफ अमेरिका की वेबसाइट पर यूलर के पेपर ई 479 पृष्ठ 223 पर उपलब्ध हैं। अवैज्ञानिक ढंग से दुनिया भर के स्कूलों में यूलर के नियम को न्यूटन के नाम से पढ़ाया जा रहा है। इस वैज्ञानिक पत्रिका को ‘न्यू एनर्जी फाउंडेशन’ में न्यू हैंपशायर की एडिटर क्रिस्टी फ्रेजियर की ओर से प्रकाशित किया जाता है।
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331 वर्ष पुराने न्यूटन के नियमों को किया चैलेंज

34 वर्ष पहले सहायक निदेशक शिक्षा अजय शर्मा ने 2266 वर्ष पुराने आर्किमिडीज के सिद्धांत 331 वर्ष पुराने न्यूटन के नियमों और आइंस्टीन के समीकरण में संशोधन की बात कहीं थी। उस समय 1982 में वे बीएससी सेकंड ईयर के विद्यार्थी थे और उम्र 19 वर्ष थी। अब उनकी सोच हकीकत के कगार पर है।

भारत सरकार के साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग ने अजय शर्मा की दो पुस्तकों बियोंड न्यूटन एंड आर्किमिडीज, बियोंड आइंस्टीन एंड ई = एमसी स्क्वेयर के मूल्यांकन के आदेश दिए। जुलाई 2015 से पुस्तकों का मूल्यांकन राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी इंडिया के विशेषज्ञों की ओर से किया जा रहा है। रिपोर्ट का अभी इंतजार है। अब सभी की आंखें ‘राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, भारत’ के विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर हैं।
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