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इस वैज्ञानिक को USA से आया बुलावा, साबित करेंगे न्यूटन ने नहीं, यूलर ने दिया गति का दूसरा नियम

Mon, 11 Jun 2018 09:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्ज की कांफ्रेंस में वाशिंगटन में शिमला के शिक्षक एवं वैज्ञानिक अजय शर्मा सिद्ध करेंगे कि न्यूटन की गति का दूसरा नियम एफ=एमए न्यूटन ने नहीं, लियोनहार्ड यूलर ने दिया था। दूसरे व्याख्यान में सिद्ध करेंगे कि न्यूटन के गति के तीसरे नियम वस्तु के आकार और संरचना की अनदेखी करता है।

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इसलिए यह अधूरा है और इसे 315 वर्ष बाद एक भारतवासी ने संशोधित किया है। 105वीं भारतीय साइंस कांग्रेस 2018 में मार्च में वह इसी विषय पर मणिपुर यूनिवर्सिटी में व्याख्यान दे चुके हैं। अजय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्री डा. हर्षवर्द्धन को दर्जनों पत्र लिख चुके हैं कि सरकार इन विषयों पर सेमीनार करवाएं और प्रयोगों के लिए सुविधाएं दें। अंतिम मान्यता के लिए कुछ प्रयोगों की जरूरत होती है।

इससे विज्ञान का आधार हिलेगा। इन प्रयोगों पर पांच-सात लाख तक खर्च होंगे और तीन-चार महीनों में प्रयोग पूरे हो सकते हैं। प्रदेश सरकार के जिला शिक्षा अधिकारी अजय शर्मा पिछले 35 वर्षों से 2268 वर्ष पुराने आर्किमिडीज के सिद्धांत, 315 वर्ष पुराने न्यूटन के नियमों और 112 वर्ष पुराने आइंस्टीन के ई=एमसी स्क्वेयर पर अपने खर्च पर शोध कर रहे हैं।

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35 वर्षों बाद न्यूटन के नियमों पर उनकी बात वैज्ञानिक जगत में ध्यान से सुनी जाने लगी है। विश्व की फिजिक्स की सबसे बड़ी संस्था अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ टीचर्ज वाशिंगटन ने जुलाई 2018 में उन्हें वाशिंगटन आने का निमंत्रण दिया है। 105वीं भारतीय साइंस कांग्रेस 2018 में मार्च में वे इसी विषय पर मणिपुर यूनिवर्सिटी में व्याख्यान दे चुके हैं।

अजय का शोध पत्र प्रोसीडिंग्ज में भी छपा है। अजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विज्ञान एंड टेक्नोलॉजी मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन से प्रार्थना की है कि वे न्यूटन के नियमों पर सेमीनार करवाएं और प्रयोगों की सुविधाएं प्रदान करें।

अजय ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज का उत्साहवर्द्धन के लिए धन्यवाद किया। अजय ने दोनों से प्रार्थना की कि वे इस विषय को प्रधानमंत्री से उठाएं। यह शोधकार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे 134 करोड़ भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा उठेगा। भारत आधारभूत नियमों के संबंध मे विश्व गुरु बनेगा।
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