समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश के नौ अलग-अलग जिलों से चयनित 76 विद्यार्थी इस दल में शामिल हैं। छह अध्यापक भी विद्यार्थियों के साथ गए हैं। शैक्षणिक दौरे के तहत विद्यार्थियों को इसरो के आईएसटीआरएसी केंद्र का भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की बुनियादी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि उपग्रहों का निर्माण कैसे होता है, रॉकेट कैसे प्रक्षेपित किए जाते हैं और अंतरिक्ष में होने वाला अनुसंधान देश और दुनिया के लिए किस तरह उपयोगी है।
विद्यार्थियों ने यह भी जाना कि भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में कौन-कौन सी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं और इनके पीछे वैज्ञानिकों की मेहनत, समर्पण और सोच कैसी होती है। इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक बी शंकर मेडास्वामी ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने इसरो की कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी सरल भाषा में दी। विशेष रूप से उन्होंने चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता के बारे में विस्तार से बताया और विद्यार्थियों को भविष्य में वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इसरो में कार्यरत अधिकांश वैज्ञानिक ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन मेहनत और निरंतर प्रयास से उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की है।