पुलिस के अनुसार दयानंद आदर्श विद्या निकेतन (डीएवीएन) स्कूल ददाहू की 26 सीटर बस (एचपी-71-4993) संगड़ाह से सुबह बच्चों को लेकर आ रही थी। बस में चालक और बुजुर्ग के अलावा 17 बच्चे सवार थे। खड़कोली के समीप एक मोड़ पर अचानक बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई।
बस के परखच्चे उड़ गए। छत अलग हो गई। सभी इधर-उधर छिटक गए। चालक की मौके पर ही मौत हो गई। तीन बच्चों की ददाहू अस्पताल लाते समय रास्ते में मौत हो गई जबकि तीन बच्चों ने नाहन मेडिकल कॉलेज और एक छात्रा ने पीजीआई में दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पूरा गिरिपार क्षेत्र चीख पुकार से गूंज उठा।
हादसे में इनकी गई जान
1. समीर (5) पुत्र राजकुमार निवासी माइना
2. कार्तिक (14) पुत्र बाबूराम निवासी थाना खेगुआ
3. आदर्श (7) पुत्र गोपाल सिंह निवासी घाटों
4. नैतिक चौहान (5) पुत्र ओम प्रकाश निवासी रजाणा
5. अभिषेक (7) पुत्र विजेंद्र सिंह निवासी रजाणा
6. संजना (6) पुत्री विजेंद्र सिंह निवासी रजाणा
7. आयूषी पुत्री राजकुमार
8. चालक रामस्वरूप (40) निवासी माइना
राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्कूूल बस दुर्घटना में विद्यार्थियों समेत सात लोगों की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह एक दुखद घटना है, जिसमें छह मासूम स्कूली बच्चों ने भी अपने प्राण गंवाए। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
उन्होंने घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ लाभ की भी कामना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायल बच्चों को बेहतर उपचार देने के भी निर्देश दिए हैं। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने भी बस दुर्घटना पर शोक जताया है।
अस्पताल पहुंचे बिंदल और डीसी
राज्य विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और उपायुक्त ललित जैन घायल बच्चों से मिलने अस्पताल पहुंचे और उन्होंने गंभीर रूप से घायल बच्चों को पीजीआई चंडीगढ़ भेजने के प्रबंध किए। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये और घायलों को 10-10 हजार रुपये फौरी राहत के रूप में प्रदान किए। उपायुक्त ने पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किए गए घायलों को रेडक्रॉस निधि से भी 50 हजार रुपये दिए हैं।