करोड़ों के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि देश के करीब 295 शिक्षण संस्थानों ने प्रदेश के गरीब विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति को हड़पा है।
सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक अभी तक ढाई सौ करोड़ के माने जा रहे इस फर्जीवाड़े की रकम और बढ़ सकती है। सीबीआई ने इन शिक्षण संस्थानों की सूची भी तैयार कर ली है। हाल ही में कब्जे में लिए दस्तावेजों की छंटनी के बाद इन संस्थानों पर कार्रवाई हो सकती है।
अभी तक पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के शिक्षण संस्थान ही जांच के दायरे में थे, लेकिन अब और कई राज्यों के संस्थान भी जांच की जद में आएंगे, क्योंकि घोटाले के तार देश के कई राज्यों से जुड़े हैं।
जांच में पता चला है कि 55 के करीब शिक्षण संस्थानों में छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों का घोटाला हुआ है, इनमें सैकड़ों विद्यार्थियों के फर्जी नाम से दाखिला दर्शाकर प्रदेश सरकार से मिलने वाली छात्रवृत्ति को हड़प लिया, जबकि अन्य संस्थानों में फर्जीवाड़े की रकम कुछ कम है।
इतने ज्यादा शिक्षण संस्थानों का घोटाले में संलिप्त होना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करता है। शिक्षा विभाग से सीबीआई लगातार रिकॉर्ड तलब कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली से आए सीबीआई के आईजी ने भी जांच टीम को मामले की गहनता से कार्रवाई करने को कहा है।