इतना ही नहीं, देवता कमेटी के सदस्यों ने बीठ पकड़ने के लिए जुर्माने के तौर पर उनसे 11000 रुपये देने की बात कही गई। अगर वो जुर्माना नहीं भरते तो उनकी जान भी जा सकती थी। अपनी जान बचाने के लिए आखिर में उन्हें 5100 रुपये बतौर जुर्माने के तौर पर देने पड़े। इसके बाद वे अपनी जान बचा पाए।
उन्होंने कहा कि मारपीट के दौरान मोबाइल आदि सामान गुम हो गया। हालांकि, इस मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इसमें इन युवकों को मारने के लिए कहा जा रहा है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि फोन के माध्यम से उन्हें सूचना मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की छानबीन की जाएगी।
क्या होता है बीठ
बीठ फूलों का एक गुच्छा होता है। इसे जो पकड़ता है उसे देवता का वरदान मिलता है। इसे देवता के कारकूनों द्वारा ही भीड़ की तरफ फेंका जाता है लेकिन अनुसूचित जाति के युवक द्वारा बीठ पकड़े जाने पर माहौल खराब हो गया।