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Shimla News: लाखों के गबन मामले में एसबीआई मैनेजर की अग्रिम जमानत खारिज

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स्पेशल जज (फॉरेस्ट) ने जमानत देने से किया इन्कार, राज्य सतर्कता निरोधक ब्यूरो का मामला
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गिरफ्तारी की आंशका के चलते दी थी अग्रिम जमानत की अर्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एसबीआई (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) की कोटखाई शाखा में 75 लाख रुपये के सरकारी धनराशि के गबन के आरोप में फंसे डिप्टी मैनेजर आशुतोष कुमार चंद्रवंशी को अदालत से राहत नहीं मिली है।
स्पेशल जज (फॉरेस्ट) अजय मेहता की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। आशुतोष मूलत: जिला नालंदा बिहार के रहने वाले हैं। 29 अगस्त 2025 को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एवं एसीबी) ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
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अदालत में पेश रिकॉर्ड के मुताबिक बैंक की करेंसी चेस्ट की फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान 500-500 रुपये के 15 बंडल, कुल 75 लाख रुपये गायब पाए गए। बैंक रजिस्टर और सिस्टम में कोई कमी दर्ज नहीं थी। मामले की जानकारी मिलने पर आरबीओ टीम ने जांच की। जांच के दौरान आरोपी ने धनराशि की हेराफेरी स्वीकार करने की बात कही। जांच में यह बात भी सामने आई कि सितंबर 2024 से जुलाई 2025 तक आरोपी और उसकी पत्नी के बैंक खातों में 74,82,900 रुपये जमा हुए।
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आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने यह राशि ऑनलाइन गेमिंग में खर्च कर दी। पुलिस ने गेमिंग प्लेटफॉर्म से लेन-देन विवरण मांगा है, जिसका जवाब अभी नहीं आया है। गबन की राशि भी बरामद नहीं हो सकी है। उधर आशुतोष ने दलील दी कि उन्होंने नोटिस मिलने पर जांच में सहयोग किया और फरार होने की कोई संभावना नहीं है। लेकिन अदालत ने माना कि मामला बड़ी सार्वजनिक धनराशि के गबन का है और जांच अभी जारी है। डिजिटल लेन-देन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी लंबित है। ऐसे में इस चरण में अग्रिम जमानत देना उचित नहीं है। अदालत ने कहा कि आरोपी का मामला अग्रिम जमानत योग्य नहीं है। इसलिए उनकी याचिका खारिज की जाती है।
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