पदमदेव कांप्लेक्स में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने लगाया है सरस मेला, प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों ने लगाए स्टॉल
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मोमोज, मालपुआ और किंब की चाट भी मिलेगी संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी का ऐतिहासिक रिज मैदान कांगड़ी धाम, मालपुआ और सिड्डू की खुशबू से महक उठा है। रिज के पदमदेव कांप्लेक्स में शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का सरस मेला शुरू हो गया।
यह मेला 20 दिसंबर तक चलेगा तथा इसमें 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं जिनमें प्रदेशभर के पारंपरिक व्यंजन सैलानियों और स्थानीय लोगों को खाने को मिलेंगे। इसमें बिलासपुरी धाम, किंब चाट, मोमोज, मक्की की रोटी और सरसों का साग, लुश्के, पाटांडे, बाजरे की मिठाई सहित अन्य पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं। मेले के पहले दिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों सहित सैलानियों ने इन हिमाचली व्यंजनों का लुत्फ उठाया। इसके अलावा मेले में कुल्लू-किन्नौरी पट्टी शॉल, स्वेटर, लाहौली पुल्ला, चंबा रूमाल, मंडी कलम, कांगड़ा लघु चित्रकला, लकड़ी के नक्काशीदार मंदिर सहित अन्य पारंपरिक हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित किए हैं।
मेले में हिमाचल के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर आदि राज्यों के स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मिशन के अंतर्गत लगभग 44,000 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में संगठित ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों को राज्य के ग्रामीण उत्पादों, कला और शिल्प तथा पारंपरिक भोजन को प्रदर्शित करने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करना है।