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शिमला: संजौली में पुलिसकर्मी से अभद्रता और बहस, दो के खिलाफ केस दर्ज; जानें पूरा मामला

Fri, 23 Oct 2026 11:14 AM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

शिमला के संजौली चौक पर 22 अक्टूबर को यातायात ड्यूटी के दौरान पुलिस कर्मी से बहस, अभद्रता और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में दो व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 221 और 3(5) के तहत अभियोग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के दौरान पिस्तौल तानने के लगाए गए आरोपों को पुलिस ने निराधार बताया है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश पुलिस। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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संजौली चौक पर यातायात ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी के साथ बहस करने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में दो व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 22 अक्तूबर को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। पुलिस थाना संजौली में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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पुलिस के अनुसार, 22 अक्तूबर को संजौली चौक पर यातायात ड्यूटी के दौरान एक वाहन को डैशबोर्ड पर अनधिकृत फ्लैशर लाइट का इस्तेमाल करने के कारण रोका गया था। इस पर वाहन में सवार एक व्यक्ति बाहर आया और पुलिस कर्मी से उसका नाम और पद पूछने लगा। इसके बाद दोनों व्यक्तियों ने पुलिस कर्मी के साथ बहस की, अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उसे धमकाते हुए सरकारी ड्यूटी में बाधा डाली। इस दौरान सड़क पर यातायात भी बाधित हुआ। मौके पर कुछ अन्य लोग भी पुलिस कर्मी के समर्थन में एकत्रित हो गए।

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संजौली थाने में मामला दर्ज
ट्रैफिक शाखा में तैनात पुलिस कर्मी की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस थाना संजौली में अभियोग संख्या 74/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में राहुल शर्मा निवासी ढली और 23 वर्षीय अर्णव निवासी लोअर कलस्टन, शिमला के नाम शामिल हैं। पुलिस थाना संजौली की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

पिस्तौल तानने के आरोप को पुलिस ने नकारा
घटना के दौरान संबंधित व्यक्तियों पर पिस्तौल तानने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। पुलिस ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में इन आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद यह आरोप बचाव में लगाया गया प्रतीत होता है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों से इस आरोप की पुष्टि नहीं होती है।
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