राज्य उपभोक्ता आयोग ने जिला आयोग का फैसला रखा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने संजौली के एक ज्वेलर के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश को बरकरार रखा है। राज्य आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति इंदर सिंह मेहता और सदस्य योगिता दत्ता की खंडपीठ ने ज्वेलर को शिकायतकर्ता की एक लाख रुपये की अग्रिम राशि शिकायत दर्ज करने की तारीख से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा मानसिक प्रताड़ना के लिए 20 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने को कहा है।
चौपाल निवासी एमआर चौहान ने संजौली स्थित श्री गणेश ज्वेलर्स के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने 4 नवंबर 2022 को संबंधित ज्वेलर से 35 ग्राम सोने की चेन बनवाने का सौदा किया था। इसकी कीमत 2,15,000 रुपये तय हुई थी। उन्होंने चेक के माध्यम से एक लाख रुपये की अग्रिम राशि जमा करवाई थी। ज्वेलर ने रसीद जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर सोने की चेन देने का भरोसा दिलाया था।
निर्धारित समय बीतने के बाद जब शिकायतकर्ता दुकान पर पहुंचे तो ज्वेलर ने न तो सोने की चेन दी और न ही अग्रिम राशि लौटाई। इतना ही नहीं दुकानदार ने बुकिंग और रकम लेने की जानकारी होने से भी इन्कार कर दिया।
कई बार चक्कर लगाने के बाद भी पैसे वापस नहीं मिले तो शिकायतकर्ता ने 12 सितंबर 2023 को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और फिर जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान ज्वेलर के पेश न होने पर उसे एकतरफा घोषित कर दिया। इसके बाद 17 फरवरी 2025 को जिला आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए अग्रिम राशि ब्याज सहित लौटाने और हर्जाना देने के आदेश दिए थे। शिकायतकर्ता ने इस फैसले के खिलाफ राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की और मांग की थी कि नौ प्रतिशत ब्याज शिकायत दर्ज करने की तारीख के बजाय अग्रिम राशि जमा करवाने की तारीख से लगाया जाए। इसके अलावा मुआवजे और मुकदमे के खर्च की राशि भी बढ़ाने की मांग की गई थी।