लोग समिति के पदाधिकारियों को रिहा करने की मांग को लेकर देर रात सड़क पर डटे रहे। इस वजह से संजौली बाजार में वाहनों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हुई। देर रात तक धरना-प्रदर्शन जारी रहा और लोग एसपी शिमला और एसडीएम शिमला को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे।
पुलिस ने हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक विजय शर्मा, सह संयोजक मदन ठाकुर, श्वेता चौहान, कल्पना शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। विजय शर्मा, सह संयोजक मदन ठाकुर को पुलिस ने अदालत में पेश किया जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। दोनों को पुलिस ने शनिवार रात को गिरफ्तार किया था जबकि दो अन्यों की गिरफ्तारी रविवार को की गई है।
पुलिस थाने के बाहर चक्का जाम और प्रदर्शन के दौरान पीड़िता ने कहा कि अन्य दो युवकों ने भी उससे बदसलूकी की है। उन्होंने कहा कि जब तक समिति के पदाधिकारियों को रिहा नहीं किया जाता तब तक वह थाने के बाहर अनशन पर बैठी रहेगी। इस दौरान पीड़िता, उसके परिजन और लोग हिंदू संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की रिहाई की मांग पर अड़े हुए हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल पर भारी मात्रा में पुलिस बल को तैनात किया गया है। इसको देखते हुए पुलिस ने नवबहार के समीप संजौली की ओर जाने वाले वाले वाहनों की आवाजाही बंद रखी।
पीड़िता के पिता ने कहा कि कई लोग इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं कि उनकी बेटी ने शिकायत वापस ले ली है लेकिन यह सरासर गलत है। उन लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज करवाएंगे जो इस अफवाहें फैला रहे हैं।
पुलिस मामले में अन्य युवकों की भूमिका की भी जांच कर रही है। नाबालिग ने आरोप लगाया कि आरोपी ने दुकान में बुलाकर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं और किसी से उसके बात करने का वीडियो बनाकर दबाव बनाया जा रहा था। हिंदू संघर्ष समिति के मुताबिक नाबालिग ने उनसे इस बारे में संपर्क किया जिसके बाद नाबालिग को महिला थाना में शिकायत के लिए भेजा गया था। समिति ने रोष जताया था कि 24 घंटे बीतने के बाद भी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।