जान जोखिम में डाल जिंदगी का टीका लगा रही नारी शक्ति
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हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की गड़सा घाटी की पंचायत पारली का संपर्क कुल्लू से कट गया है। राउली नाम स्थान के समीप शिलानाल सड़क पूरी तरह से धंस चुकी है। ऐसे में सड़क के दोनों छोरों को जोड़ने के लिए लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाई गई है, लेकिन यह पुलिया जमीन से करीब 30 फीट ऊंची है। जरा सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है।
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गर्भवती महिलाओं और शून्य से पांच साल तक के बच्चों को टीका लगाने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र नजां पहुंची, लेकिन इससे पहले टीम को जान जोखिम में डालकर इस पुलिया को पार करना पड़ा। दस किलोमीटर का पैदल सफर भी करना पड़ा।
गौर रहे कि सड़क धंसने के कारण पंचायत पारली के लोगों खासकर स्कूली बच्चों को भी इसी पुलिया को पार कर स्कूल पहुंचना पड़ता है। राजकीय उच्च विद्यालय नजां, प्राथमिक स्कूल अप्पर नजां, राजकीय प्राथमिक स्कूल लोअर नजां, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल गड़सा और ठेला के विद्यार्थी भी इसी अस्थायी पुलिया को पार करते हैं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता कमला देवी और आशा कार्यकर्ता सेसी देवी जान जोखिम में डालकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को टीका लगाने के लिए नजां पहुंचीं।