इस महीने का वेतन और एक अप्रैल 2023 से वेतनमान का लाभ न मिलने से नाराज ठेके पर रखे गए कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इससे जिला मुख्यालय के मुख्य बाजार सहित शहर के विभिन्न वार्डों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। गली-मोहल्लों से भी कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। शहर में सफाई व्यवस्था संभालने का जिम्मा 90 ठेका सफाई कर्मचारियों के कंधों पर है। उनके हड़ताल पर जाने से कूड़े के ढेर लग गए हैं।
सफाई कर्मचारियों ने दोटूक कहा है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। ठेका कर्मी एक अप्रैल 2023 से बढ़े वेतनमान का लाभ न मिलने और समय पर वेतनमान न मिलने से खफा हैं। उन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर को ज्ञापन सौंपकर भी मांग उठाई, लेकिन यह पूरी नहीं हो पाई है।
सफाई कर्मियों में शुभम, शिवा, सुरेंद्र, अश्वनी, जयकरण, परमेश, अनूप, रजत, राहुल, कंचन, सुनीता, सोमा, सुनीता, नीतू और नंदनी ने बताया कि पहले उन्हें नौ हजार रुपये वेतनमान मिलता है। एक अप्रैल 2023 से उनके वेतनमान में 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अभी तक उन्हें इसका लाभ नहीं दिया गया है। कई बार नप चंबा और सफाई ठेकेदार को इस बारे में अवगत करवाया गया, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया जाता रहा है।
अक्तूबर का आधा महीना बीतने के बाद भी उन्हें वेतनमान नहीं मिला है। हर माह उन्हें 25-26 के बाद ही वेतनमान मिल रहा है। इससे उन्हें अपने परिवारों का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है। वे बच्चों की फीस तक स्कूलों में जमा नहीं करवा पा रहे हैं। सफाई कर्मियों की मांगें पूरी न होने पर शहर में शुक्रवार से साफ-सफाई न करने का निर्णय लिया है। बताया कि हर रोज शहर से टनों के हिसाब से कूड़ा-कर्कट निकलता है।
इसके अलावा शहर की गलियों और मोहल्लों में भी सफाई व्यवस्था का जिम्मा भी वे ही देखते हैं। कुल मिला कर शहर को चकाचक रखने के लिए वे जी-जान से डटे रहते हैं। ऐसे में समय पर वेतन न मिलना और बढ़ा वेतनमान का लाभ न मिलना उनके साथ सौतेले व्यवहार से कम नहीं हैं। उन्होंने नप अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर एक मुश्त बढ़े वेतन का लाभ समेत समय पर वेतन देने की मांग उठाई है।
नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने सफाई कर्मचारियों के मांगपत्र सौंपने की पुष्टि की है। बताया कि कार्यकारी अधिकारी के अवकाश पर होने के चलते उनसे बात नहीं हो पाई। बहरहाल, इस बाबत कार्यकारी अधिकारी से बात कर ही कुछ कहा जा सकता है।