इस प्राचीनतम यात्रा के दौरान हर यात्री का सिंहगाड में स्थापित किए जाने वाले बेस कैंप में मेडिकल चेकअप के बाद पंजीकरण किया जाता है । पिछले वर्ष 150 रुपये पंजीकरण फीस थी। पंजीकरण के दौरान श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट की स्मारिका भी हर पंजीकृत यात्री को दी जाएगी।
श्रीखंड यात्रा के दौरान कुंशा में एक विशेष मेडिकल बेस कैंप स्थापित रहता है। श्रीखंड महादेव यात्रा के हर पड़ाव पर अस्थायी शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था रहती है। यात्रा में केवल शारीरिक और मानसिक रूप से फिट व्यक्ति ही जा सकते हैं।
-यात्रा के दौरान श्रद्धालु जत्थों में जाएं, ये सुरक्षित रहता है।
-किसी भी प्रकार का नशा लेकर जान जोखिम में ना डालें।
-यात्रा करने में जल्दबाजी न करें बल्कि धीरे धीरे चढ़ाई चढ़ें।
-दवाइयां, डंडा, गर्म कपड़े ले जाएं।
वैसे तो श्रीखंड यात्रा पिछले कई दशकों से चली आ रही है लेकिन 2014 में सरकार की ओर से श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट का गठन किया गया। इसके बाद स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी कई सुविधाएं प्रशासन की ओर से दी जाती हैं।
श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट के अनुसार सिंहगाड बेस कैंप और कुंशा में मेडिकल सहायता कैंप के अलावा भीमडवारी, पार्वती बाग और थाचडू में कैंप बनाए जांएगे। जहां मेडिकल टीमें दवाई और ऑक्सीजन की व्यवस्था के साथ मौजूद रहेंगे।
इस बार श्रीखंड यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की आयु सीमा निर्धारित की गई है। 15 वर्ष से अधिक आयु वाले यात्री ही यात्रा कर सकते हैं। अधिक उम्र के लोगों को उनकी फिटनेस देखकर यात्रा की अनुमति दी जाएगी। वन विभाग को पैदल रास्तों को एक सप्ताह में ठीक करने के आदेश दिए गए हैं।
नशे पर रहेगा प्रतिबंध, पुलिस लगाएगी नाके
श्रीखंड महादेव यात्रा में देशभर के यात्रियों की स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा निश्चित की जाएगी। यात्रा के दौरान नशे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पुलिस निरमंड से बेस कैंप तक नाके लगाएगी। बैठक में विभिन्न कार्यों को लेकर चर्चा की गई।