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केसीसी बैंक के वार्षिक अधिवेशन में बढ़ते एनपीए और घाटे पर हंगामा

Thu, 27 Feb 2020 10:37 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
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केसीसी बैंक का वार्षिक अधिवेशन - फोटो : अमर उजाला
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केसीसी बैंक का 74वें वार्षिक अधिवेशन हंगामेदार रही। बैंक की एजीएम धर्मशाला कॉलेज के सभागार में अध्यक्ष डॉ. राजीव भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई। एजीएम में करीब 196 डेलीगेट ने भाग लिया। एजीएम में बैंक के बढ़ते एनपीए और 100 वर्ष में पहली बार घाटा होने पर प्रबंधन के समक्ष सवाल उठाए। बैंक की स्थापना के 100 साल पूरा होने की खुशी में प्रस्तावित जश्न को भी एजीएम में नकार दिया गया। कुछ डेलीगेट्स ने कहा कि घाटे के दौरान जश्न किस बात का। 

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 डेलीगेट्स ने प्रबंधन से कहा कि जिन शाखाओं का एनपीए बढ़ रहा है, उनके अधिकारियों और कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई की गई। लोन नहीं चुकाने वाले डिफाल्टरों पर क्या कार्रवाई की गई। मांग की गई कि जिन शाखाओं का एनपीए बढ़ रहा है उनके स्टाफ को बेदला जाए। एजीएम में सवाल उठाया गया कि आखिर बैंक को 45 करोड़ रुपये का घाटा कैसे हुआ। प्रबंधन क्या करता रहा। राजीव भारद्वाज ने कहा कि ओवर डियू व एनपीए बढ़ना चिंता विषय है। यह केवल केसीसी बैंक का ही नहीं बल्कि यह वैश्विक समस्या है। इस दिशा में बैंक चिंतित है।

एनपीए कम करने के लिए बहुत कदम भी उठाए गए हैं। एजीएम में गलत लोन देने के मामले में केसीसी बैंक की पूर्व लोनिंग कमेटी पर विजिलेंस में एफआईआर दर्ज करवाने का प्रस्ताव पर चर्चा हुई।  एजीएम में चर्चा की गई कि जब तक बैंक में घाटा चल रहा है तब तक कर्मचारियों की तनख्वाह कम की जाए। उनको दिए जाने वाले भत्ते बंद किए जाएं। एजीएम के दौरान बैंक प्रबंधन ने कुछ गलत ऋणों को खत्म करने का प्रस्ताव रखा जिसे नकार दिया गया।

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