आरोप है कि वीरवार को ठेकेदार एक ऐसे शख्स को लेकर आया जिसने खुद को शिमला स्थित आबकारी विभाग का अधिकारी बताया। उसने मंदिर और ठेके के बीच दूरी नापने का दिखावा किया और नियमों का उल्लंघन होने की बात कही, लेकिन ठोस कार्रवाई की बात पर टालमटोल करता रहा। ग्रामीणों ने बताया कि उस व्यक्ति ने यहां तक दावा किया कि उसे तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विशेष जांच के लिए भेजा है और वह जल्द ही आईएएस अधिकारी बनने वाला है।
जब ग्रामीणों को शक हुआ और मीडिया प्रतिनिधियों को मौके पर बुलाया गया तो उसने पत्रकारों को भी धमकाने का प्रयास किया और वीडियो बनाने से मना किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उस व्यक्ति की पहचान कर उसकी असलियत उजागर की जाए और ठेकेदार के साथ-साथ उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। डीएसपी घुमारवीं चंद्रपाल सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी।