स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े पदों को लेकर विधानसभा सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच खूब नोकझोंक हुई। पक्ष और सत्ता पक्ष ने रिक्त पद न भरे जाने को लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए। विभाग में 10 हजार 91 पद रिक्त चल रहे है। इन पदों को न भरे जाने पर विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश की।
इधर सत्ता पक्ष ने भी खाली पड़े पदों को लेकर साफ शब्दों में कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल की अपेक्षा कांग्रेस सरकार ने विभाग में ज्यादा पदों को स्वीकृति दी है। इसमें अधिकांश पदों को भरा गया है। भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पड़े पदों का प्रश्न उठाया।
उनका कहना था कि हिमाचल में धड़ाधड़ स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी, सीएचसी सेंटर खोले जा रहे हैं लेकिन इनमें न तो डाक्टर, रेडियोग्राफर है और न ही फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में महज 743 पदों को स्वीकृति दी जबकि कांग्रेस सरकार ने अब तक विभाग में 3,248 पदों को स्वीकृति किया है।
कौल बोले, भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान स्वीकृत हुए महज 437 पद
इसमें अधिकांश पद भर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टर के अलावा मेल और फीमेल हैल्थ वर्कर तैनात होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में 500 डाक्टरों की नई पोस्टें क्रियेट की है। मेडिकल कालेज हमीरपुर, चंबा और नाहन में डाक्टरों के साक्षात्कार कर पदों को भरा जा रहा है।
विभाग में हर मंगलवार को डाक्टरों के वाक इन इंटरव्यू होते हैं। इसी तरह स्वास्थ्य क्षेत्र में 1250 स्टाफ नर्सों को भरा गया है। कौल सिंह ने कहा कि देहरा में डाक्टरों के पद रिक्त चल रहेभाजपा विधायक राजीव बिंदल ने भी अनुपूरक प्रश्न में कहा कि भाजपा सरकार के
दौरान हिमाचल में चल रही 12 स्कीमों को प्रदेश सरकार ने बंद कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि हिमाचल में 5 ट्रामा सेंटर चल रहे हैं और 9 ट्रामा सेंटर और खोले जाने है। इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
रिटायरमेंट उम्र 58 से 60 होने की उम्मीद
प्रदेश सरकार शुक्रवार को साल 2017-18 का सालाना बजट पेश करेगी। चुनावी साल के इस बजट से कर्मचारियों को खासी उम्मीदें हैं। हाल में सरकार के साथ जेसीसी की बैठक में कर्मचारियों ने 4-9-14 की मांग रखी थी। इसके अलावा कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र को 58 से 60 करने की भी मांग उठी थी।
लेकिन उस समय जेसीसी के दौरान सरकार ने आश्वासन दिया था कि वह आने वाली कैबिनेट बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा करेगी। हालांकि कैबिनेट में तो वह नहीं आया लेकिन अब कर्मचारियों को बजट में इन मांगों के शामिल होने की उम्मीद है। कर्मचारी नेता एसएस जोगटा ने उम्मीद जताते हुए कहा कि अभी तक सरकार कर्मचारियों की उम्मीदों को पूरा करती आई हैं।
ऐसे में उम्मीद है कि इन दोनों ही मांगों को सरकार बजट में शामिल कर कर्मचारियों को लाभ पहुंचाएगी। वहीं, कर्मचारी नेता विनोद कुमार ने कहा कि अभी तक सरकार ने कर्मचारियों के लिए कुछ खास नहीं किया है लेकिन उम्मीद है कि इस बजट में सरकार कर्मचारियों को केंद्र के अनुसार डीए देने की घोषणा करेगी।