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Shimla News: एचपीयू छात्रावास में मिली सड़ी सब्जियां, दो मेस मैनेजर बदले

Sun, 19 Jul 2026 10:52 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

एचपीयू के विद्योत्तमा हॉस्टल में सड़ी सब्जियों से खाना बनाने की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने देर रात जांच की। जांच में खाद्य सामग्री में गड़बड़ियां मिलने पर दो मेस मैनेजरों को बदल दिया गया। प्रशासन का कहना है कि खराब सब्जियां अलग रखी गई थीं और छात्रों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के विद्योत्तमा छात्रावास में परोसे जा रहे खाने की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है। छात्राओं ने छात्रावास में सड़ी सब्जियों से खाना तैयार करने का मामला उठाया था। इस पर एचपीयू प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो मेस मैनेजरों को बदल दिया है।

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प्रशासन ने छात्रावास की मेस में इस्तेमाल होने वाली भोजन सामग्री भी जांची है। इसमें कई गड़बड़ियां पाई गईं हैं। मामला शुक्रवार को सामने आया था। विश्वविद्यालय के डीन छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) प्रोफेसर आरएल जिंटा ने शुक्रवार देररात ही बैठक बुला ली और इसमें खाने की गुणवत्ता पर उठाए जा रहे सवालों पर गहन चर्चा की गई। इस दौरान जांच भी की गई है जिसमें सड़ी हुई सब्जियां और अन्य खराब सामग्री मिली हैं। इन प्रबंधकों को बदलने के बाद यह जिम्मेदारी हॉस्टल की दो अन्य छात्राओं को सौंपी है। बैठक के दौरान प्रो. जिंटा सहित सभी छात्राएं और हॉस्टल वार्डन डॉ. भावना उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्रों, मेस स्टाफ और वार्डन से विस्तार से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि मेस मैनेजर हॉस्टल परिसर के अंदर ही एक विक्रेता से सब्जियां खरीदते थे। यह विक्रेता हर तीसरे दिन पूरे हॉस्टल में सब्जियां पहुंचाता था। मेस मैनेजर तीन-चार दिन की सब्जियां एक साथ थोक में खरीदकर स्टोर रूम में रख देते थे। हॉस्टल में छात्राओं की संख्या कम होने और शिमला के प्रतिकूल मौसम के कारण सब्जियों में फफूंद और काले धब्बे आ गए थे।

फेंकने के लिए रखी थी सड़ी सब्जियां
प्रोफेसर जिंटा ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि मेस मैनेजर ने मेस स्टाफ के साथ मिलकर अच्छी और सड़ी हुई सब्जियों को अलग किया था। सड़ी हुई सब्जियों को फेंकने के लिए एक तरफ रखा था। इस बीच कुछ छात्र कार्यकर्ता मेस में पहुंचे। उन्होंने फेंकी जाने वाली सड़ी हुई सब्जियों की तस्वीरें ले लीं। इन तस्वीरों के कारण ही यह मुद्दा सामने आया और प्रशासन तक पहुंचा। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया। छात्रों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने हॉस्टल की वार्डन भावना को भी समय-समय पर जांच करते रहने के निर्देश दिए हैं।

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