रोहतांग टनल बनकर 2700 सौ करोड़ में तैयार होगी। रोहतांग टनल के चीफ इंजीनियर के पी पुरुषोत्तम ने कहा कि नॉर्थ और साउथ पोर्टल को जोड़ने वाली सड़कों, स्नो गैलरी और पुलों के निर्माण में लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च आ रहा है। इससे कुल खर्चा 3200 करोड़ आएगा।
रोहतांग टनल का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। बीते सितंबर मेें रोहतांग टनल में फोन सुविधा आरंभ हो चुकी है। रोहतांग टनल लगभग बनकर तैयार है। इसका कार्य अंतिम चरण में चल रहा है।
रोहतांग टनल से 33 केवी की लाइन बिछाई जाएगी, जिससे लाहौल को बिजली पूरा वर्ष भर मिलती रहेगी और लाहौल में पैदा होने वाली बिजली भी देश को मिलेगी। सेरी नाला की वजह से टनल के निर्माण में देरी हुई है। सितंबर 2020 तक टनल में लाइटनिंग, सीसीटीवी कैमरा, वेंटिलेशन, सेंसर, साइड मार्किंग का कार्य सितंबर 2020 तक पूरा हो जाएगा।
अक्तूबर के बाद लाहौल के लोगों को आपातकाल के लिए रोहतांग टनल मुहैया करवा दी जाएगी। इसके लिए लाहौल के उपायुक्त से बैठक भी हो चुकी है। टनल के नॉर्थ और साउथ पोर्टल के दोनों ओर पार्किंग के निर्माण की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि टनल 5 वर्ष 3 महीने में बनकर तैयार होनी थी, लेकिन सेरी नाला के रिसाव और सर्दियों में काम बंद होने की वजह से अधिक समय लग रहा है। हालांकि, टनल के उद्घाटन के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। सुरक्षा मानकों को लेकर चल रहे कार्यों के सितंबर 2020 में पूरा होने की उम्मीद है।