समुद्र तल से 13050 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा पर्यटक वाहनों के लिए बहाल हो गया है। शनिवार को मढ़ी तक के ऑनलाइन परमिट को रोहतांग के लिए लागू कर दिया गया। अब पर्यटक बर्फ की दीवारों के बीच रोमांच भरा सफर कर सकेंगे। संयुक्त विभागीय निरीक्षण के बाद रोहतांग दर्रा पर्यटक वाहनों के लिए खोला गया।
एक दिन में 1300 वाहनों के लिए ही परमिट जारी होंगे। इनमें से 800 पेट्रोल और 400 डीजल वाहनों के लिए परमिट मिलेगा। इसके अलावा 100 परमिट कुल्लू जिले के बाहर के वाहनों के लिए मिलेंगे और एक वाहन के लिए साल में सिर्फ एक बार ही परमिट मिलेगा। परमिट सिस्टम सिर्फ रोहतांग तक जाने वाले पर्यटकों के लिए लागू होगा। स्थानीय लोगों के लिए इसकी जरूरत नहीं है। वे लाहौल-स्पीति कहीं भी आ-जा सकते हैं।
वर्तमान में रोहतांग दर्रे पर करीब दो से तीन फीट बर्फ है, जबकि बीच रास्ते में 15 फीट तक ऊंची बर्फ की दीवारें अभी भी हैं। सैलानियों के लिए परमिट फीस 500 रुपये है। छोटे वाहनों से 50 रुपये और बस या बड़े वाहनों से 100 रुपये कंजेशन शुल्क लिया जाएगा।
रोहतांग के खुलने की सूचना से पहले ही यहां सैलानी पहुंचना शुरू हो गए हैं। 1200 वाहनों को ‘पहले आओ, पहले पाओ’ आधार पर ऑनलाइन परमिट मिलेगा। इसे पर्यटक या टैक्सी ऑपरेटर कोई भी ले सकता है। वर्तमान में पर्यटक वाहन गुलाबा से आगे मढ़ी तक छोड़े जा रहे थे। परमिट के तहत सैलानियों को शाम को हर हाल में रोहतांग से लौटना होगा।
डीसी कुल्लू यूनुस ने कहा कि शनिवार से मढ़ी के लिए जारी परमिट को रोहतांग तक लागू कर दिया गया है, जबकि शनिवार से रोहतांग परमिट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कर दिए गए हैं। बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशानुसार रोहतांग में पार्किंग समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवा दी गई हैं।
मनाली-लेह होकर श्रीनगर पहुंच सकेंगे वाहन- सैर-सपाटे के साथ एडवेंचर को पसंद करने वाले पर्यटक मनाली से लेह होते हुए श्रीनगर तक अपने वाहन से पहुंच सकते हैं। मनाली-लेह मार्ग पर एडवेंचर के लिए हर वर्ष हजारों सैलानी यहां पहुंचते हैं।
श्रीनगर से लेह मार्ग भी बहाल होने पर अब सीधे मनाली से श्रीनगर सड़क मार्ग जुड़ गया है। इसके लिए भी मनाली से जाने वाले पर्यटकों के लिए ऑनलाइन परमिट जरूरी है। इसमें 50 रुपये कंजेशन फीस भी भरनी पड़ेगी।