इसके लिए सेना के अधिकारियों को सूचना दी गई है। वीरवार को डीएसपी मुख्यालय बबीता राणा की अगुवाई में पुलिस की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। जांच के लिए सेना से जुड़े कुछ लोगों की मदद भी ली गई।
डीएसपी ने मामला दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि दुश्मनों के टैंकों को नष्ट करने के लिए इस तरह के गोले का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बताया कि मौके से बरामद गोले को सुरक्षित ठिकाने लगाने एवं इसकी पहचान के लिए सेना के अधिकारियों को सूचित किया गया है।
नाहन शहर में ही कैंट एरिया भी है। यहां सेना के जवानों को प्रशिक्षण दिया जाता है। लिहाजा, आशंका जताई जा रही है कि रॉकेट लांचर का यह गोला आर्मी एरिया का हो सकता है। पुलिस ने गोले को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।