प्रदेश में पंचायत चुनाव को महज छह माह बचे हैं, लेकिन अभी रोस्टर क्लीयर नहीं हुआ है। पंचायतों में विभिन्न पदों के आरक्षित होने या न होने को लेकर लोग पहेलियां बुझा रहे हैं। कोई कह रहा है कि जहां अनुसूचित जाति महिला के लिए सीट आरक्षित थी, वहां ओपन हो जाएगी। कोई कह रहा है कि ये पंचायतें आरक्षित रहेंगी। इस तरह से कई अटकलें लगाई जा रही हैं।
ये चुनाव 3243 पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों में प्रस्तावित हैं। सरकार ने अभी तक केवल उपप्रधान पद ही स्थिति स्पष्ट की है कि यह पद आरक्षित नहीं होगा। केवल उपप्रधान पद पर ही रोस्टर लागू नहीं होगा। राज्य में ये चुनाव अक्तूबर से लेकर बाद दिसंबर तक कभी भी हो सकते हैं।
पिछली बार चुनाव दिसंबर 2010 में हुए थे। इससे पहले रोस्टर फाइनल हो सकता है। माना जा रहा है कि अगर अक्तूबर में चुनाव होते हैं तो रोस्टर अगस्त तक घोषित हो सकता है। अगर नवंबर या दिसंबर में होते हैं तो यह और लेट एनाउंस हो सकता है।