राजधानी के कई वार्डों में नई पेयजल लाइनें बिछाने के लिए खोदी गईं सड़कें दस महीने बाद भी खस्ताहाल हैं। पेयजल कंपनी और नगर निगम इनकी टारिंग या पैचवर्क का काम पूरा नहीं कर पाए हैं। सड़कों पर हुए गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। बाजार में उड़ रही धूल-मिट्टी से आम लोगों के साथ कारोबारी भी परेशान हैं। दुकानदारों को अपना सामान ढककर रखना पड़ रहा है। पेश है यह ग्राउंड रिपोर्ट :- शांति विहार और भट्ठाकुफर में इस साल की शुरुआत में खोदी थीं सड़कें पार्षद बोले, कंपनी कर रही मनमानी लोगों ने दी धरने की चेतावनी अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के शांति विहार और भट्ठाकुफर वार्ड के हजारों लोगों को बदहाल सड़कों के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार इन दोनों वार्डों में इस साल की शुरुआत में नई पेयजल लाइनें बिछाने के लिए सड़कों की खोदाई की गई थी। लाइनें बिछाने के बाद कंपनी ने गड्ढों को केवल मिट्टी से भर दिया। अब कई इलाकों में आठ से दस महीने बीतने के बाद भी सड़कें खस्ताहाल हैं। इनकी सुध न नगर निगम ले रहा है और न ही पेयजल कंपनी।
विज्ञापन
वाहनों की आवाजाही से सड़कों पर मिट्टी और धूल उड़ रही है। इससे समिट्री बाजार के दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों को सामान ढककर रखना पड़ रहा है। शांति विहार में ढली टनल से समिट्री तक जाने वाली मुख्य सड़क बदहाल है। रिहायशी इलाके और बाजार को जोड़ने वाली इस सड़क की टारिंग न होने से लोग परेशान हैं। अपर समिट्री और लोअर समिट्री की सड़कों पर भी टारिंग नहीं हुई है। भट्ठाकुफर क्षेत्र की कई संपर्क सड़कें भी बदहाल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सड़कों की मरम्मत के लिए कई बार नगर निगम से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक टारिंग नहीं हुई। उधर नगर निगम का कहना है कि इन सड़कों पर पेयजल कंपनी ने नई लाइनें बिछाई हैं। ऐसे में टारिंग की जिम्मेदारी भी कंपनी की है। इस संबंध में कंपनी को निर्देश दिए जा चुके हैं।
टारिंग की जिम्मेदारी कंपनी की शहर में 24 घंटे पेयजल योजना के तहत नई लाइनें बिछाई जा रही हैं। नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधीन आने वाली सड़कों पर बड़े आकार की पाइपलाइनें बिछाई जा रही हैं। समझौते के अनुसार काम पूरा होने के बाद सड़कों की टारिंग करना जरूरी है, लेकिन कई वार्डों में काम पूरा होने के महीनों बाद भी पैचवर्क नहीं किया है।
राहत न मिली तो देंगे धरना
शांति विहार में सड़कों की हालत बेहद खराब है। कई महीनों से पार्षद से लेकर नगर निगम तक को शिकायतें दे चुके हैं। अब यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क पक्की नहीं हुई तो नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। धूल-मिट्टी के कारण दुकानों में बैठना तक मुश्किल हो गया है। -राजेंद्र चौहान, पूर्व पार्षद एवं स्थानीय निवासी
कंपनी कर रही मनमानी पेयजल कंपनी को क्षेत्र में खोदी गई सड़कों की टारिंग करने के लिए कई महीनों से कहा जा रहा है, लेकिन कंपनी मनमानी कर रही है। इस बार सदन में कंपनी से इस संबंध में जवाब मांगा जाएगा। जनता खस्ताहाल सड़कों से परेशान है। कंपनी टेस्टिंग के बहाने टारिंग नहीं कर रही है। -नरेंद्र ठाकुर, पार्षद, भट्ठाकुफर
दस महीने बाद भी नहीं सुधरी हालत
जनवरी से पहले कई सड़कों की खोदाई की गई थी। अब साल खत्म होने को है, लेकिन कंपनी ने न गर्मियों में टारिंग की और न ही मौजूदा सीजन में काम किया जा रहा है। जनता परेशान है। नगर निगम को इस मामले में सख्ती करनी पड़ेगी।
शुरू कर दिया है काम
शहर में नई पेयजल लाइनें बिछाने के लिए जिन सड़कों की खोदाई की गई है, उन पर पैचवर्क और टारिंग का काम शुरू कर दिया गया है। बालूगंज से काम शुरू हुआ है। अन्य वार्डों में भी जल्द सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा। -आदर्श भोटा, एजीएम, पेयजल कंपनी