डंगे गिरने और भूस्खलन के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित
लोक निर्माण विभाग सड़कों को बहाल करने के कार्य में जुटा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। हालांकि जिले में नेशनल हाईवे समेत प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सुचारु है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों के डंगे गिरने के कारण मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए अवरुद्ध हैं। जिले की बात करें तो कुल 606 सड़कों में से 5 संपर्क मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है। धारटुआ-मकरोड सड़क रिटेनिंग वॉल गिरने के कारण बंद है। सड़क को विभाग ने 31 जुलाई तक बहाल करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा कडारघाट-पलग-सैरीकड़ी मार्ग भूस्खलन के कारण अवरुद्ध है। ढोबा-समतारा-मंझोली और मंझोली-चंजाह मार्ग भी वाहनों की आवाजाही भूस्खलन के कारण अवरुद्ध है। जिले में नौ सड़कों पर बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालांकि इन सड़कों में छोटे वाहनों की आवाजाही सुचारु है। लोक निर्माण विभाग ने सभी अधिशासी अभियंताओं और अन्य अधिकारियों को सड़कों को युद्धस्तर पर बहाल करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा मार्ग बहाल करने के लिए जगह-जगह जेसीबी और अन्य मशीनरी की तैनाती भी की गई है, जिससे भारी बारिश के कारण भूस्खलन के कारण मलबा और चट्टानें आने पर उन्हें कम से कम समय में बहाल किया जा सके। इसमें चौपाल मंडल में सबसे अधिक तीन संपर्क मार्ग बंद हैं, जिन्हें बहाल करने के लिए लोेक निर्माण विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है। धामी मंडल में दो संपर्क मार्ग अवरुद्ध हैं। इसके अलावा शिमला-1, शिमला-3 और ठियोग उपमंडल में सभी मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सुचारु है।