पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन को देखते हुए खतरे का अंदेशा बना हुआ है। गौर रहे कि एनएचपीसी के 800 मेगावाट प्रोजेक्ट में बीते दिनों भी कई बार टनल में रिसाव हुआ है। इस पर घाटी के लोगों ने कई तरह के सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी धीरे-धीरे धंस रही है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज ने कहा कि सिउंड में टनल से हो रहे रिसाव को लेकर स्पॉट का मौका किया जाएगा। मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। टनल में हो रहे रिसाव की मुख्य रूप से जांच की जाएगी। एनएचपीसी चरण तीन के पीआर मैनेजर एसआर गुप्ता ने कहा कि पहाड़ी से निकल रहा पानी प्राकृतिक स्रोत नाले का है। यह टनल का पानी नहीं है।