सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों को कम करने के लिए केंद्र सरकार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से योजना तैयार की गई है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार दिया जाएगा। दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक व्यक्ति कैशलेस इलाज का हकदार होगा। वर्तमान में यूटी चंडीगढ़ और पुंडुचेरी में इस योजना को लागू किया गया है। अब पायलट कार्यक्रम के तहत इसे हिमाचल और मध्य प्रदेश में लागू करने की योजना है। इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन राष्ट्रीय स्वास्थ्य अथॉरिटी की ओर से स्थानीय पुलिस, राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, पैनलबद्ध अस्पतालों के समन्वय से किया जाएगा। इस संबंध में नेशनल हेल्थ एजेंसी (एनएचए) और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से आवश्यक प्रशिक्षण कार्य किए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक की ओर से समस्त प्रदेश के समस्त सीएमओ और एमएस को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।