पर्ची और पंजीकरण काउंटरों पर लगी रहीं लंबी लाइनें, ओपीडी के बाहर भी परेशान होते रहे लोग
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आउटसोर्स कर्मियों को काउंटर पर बैठाकर चलाया गया काम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में सोमवार को आरकेएस कर्मचारियों ने पूरा दिन कामकाज ठप रखा। यह कर्मचारी एक सप्ताह से सुबह नौ से दो बजे तक हड़ताल कर रहेे थे। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उन्हें नियमित पे स्केल नहीं दिया जाता यह हड़ताल जारी रहेगी।
अब सोमवार से आरकेएस कर्मियों ने पूरा दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। इससे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। यह कर्मचारी कैश, पंजीकरण और पर्ची काउंटरों में काम करते हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने इन कर्मचारियों की जगह आउटसोर्स कर्मियों को तैनात किया है लेकिन इस कार्य का अनुभव न होने के कारण उन्हें इस कार्यों को निपटाने में काफी समय लगा। इस कारण इन काउंटरों पर दिनभर मरीजों की लाइनें लगी रहीं।
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पर्ची काउंटर पर समय अधिक लगने के कारण मरीजों को ओपीडी के बाहर अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रोगी कल्याण समिति के 53 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। अस्पताल में अव्यवस्था की स्थिति इस कद्र बढ़ती जा रही है कि दफ्तरों में कर्मचारियों की सीटें खाली हैं। यह कर्मी काउंटरों पर ड्यूटी दे रहे हैं। इस वजह से सरकारी कामकाज भी प्रभावित हो रहा हैं।
काउंटर पर हो गई बहसबाजी
आईजीएमसी के मेडिसिन ओपीडी के पंजीकरण केंद्र के बाहर सोमवार सुबह कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। ओपीडी में जांच के बाद एक मरीज जब सीधे पंजीकरण केंद्र पर फार्म लेकर आया तो अन्य मरीजों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसके चलते यहां मरीजों में बहसबाजी हो गई। लोगों के विरोध के बाद यह व्यक्ति पीछे हट गया जिससे माहौल शांत हो गया।
इधर-उधर दौड़ाया जा रहा
ठियोग के सीताराम ने कहा कि मेडिसिन चिकित्सकों ने पिता जी के टेस्ट लिखे हैं। पंजीकरण काउंटर पर आया तो कहा कि दूसरी मंजिल चले जाएं। वहां पहुंचा तो कहा कि पहले फार्म भरवाएं। अस्पताल में सही मार्गदर्शन न होने के कारण बेवजह इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है।
पता नहीं कब आएगा नंबर
हमीरपुर के सुनील चंदेल ने कहा कि ओपीडी में पहले घंटों अपनी बारी के इंतजार में खड़े रहे। अब जब टेस्ट की बारी आई तो यहां पर लंबी लाइन लगी हैं। पूछने पर पता चला है कि एक ही कर्मी पर्ची बनाने के साथ फार्म भरने का काम कर रहा है। पता नहीं है कि कब नंबर आएगा।
दो लिफ्टें चलीं, बुजुर्ग होते रहे परेशान
आईजीएमसी की न्यू ओपीडी में मरीजों की सुविधा के लिए बनाईं चार लिफ्टों में से दो ही काम कर रही हैं। इस वजह से नेत्ररोग, ऑर्थो, सर्जरी, बालरोग और चर्मरोग ओपीडी से मरीजों को दूसरी मंजिल पर टेस्ट करवाने के लिए पहुंचना मुश्किल हो रहा है। स्थिति यह है कि दो लिफ्टों के चलने के कारण मरीजों को पंद्रह से बीस मिनट तक इंतजार करना पड़ा।
और फिर ओपीडी में भेज दिए मरीज
आईजीएमसी के पर्ची काउंटर पर आउटसोर्स कर्मचारी ड्यूटी दे रहे थे। सुबह 9 बजे करीब महिला और पुरुष काउंटरों पर भीड़ उमड़ गई। इस वजह से यहां पर अस्पताल के अधिकारियों ने मरीजों को ओपीडी में भेज दिया। कहा कि यहां पर पर्ची बनाएं लेकिन हद तो तब हो गई जब यहां पर भीड़ उमड़ गई और अव्यवस्था फैल गई। यही वजह थी कि सुबह 11 बजे तक दस से पंद्रह मरीज ही सैंपल देने के लिए पहुंचे थे।