नए रथ पर सवार होने वाले देवी-देवता भी संगम स्थल पर शाही स्नान के लिए पहुंचते हैं। यहां पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक केंद्र कला बनेगा। इस कला केंद्र में शास्त्रीय संगीत, लोक नृत्य, संगीत, पेंटिंग आदि कार्यक्रमों को प्रस्तुति दी जाएगी।
उपायुक्त यूनुस ने कहा कि ब्यास-पार्वती संगम स्थल को विजयवाड़ा की भांति विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए एक प्लान तैयार कर सरकार को भेजा है।
ब्यास पार्वती संगम स्थल जिया के आसपास लगातार होने वाले अवैध खनन पर रोक लगेगी। संगम स्थल के दोनों तरफ खनन माफिया रात-दिन अवैध खनन कर तटों को खोखला कर रहा है। अवैध खनन से जिया गांव के लोग भी परेशान हैं।
नेचर पार्क बनाने का मामला उठाया- जागृति ग्राम संगठन जिया ने ब्यास-पार्वती संगम स्थल को पर्यटन की दृष्टि से सुंदर बनाने के लिए वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को पत्र भेजकर यहां नेचर पार्क बनाने की बात कही है। वन मंत्री ने वन विभाग के प्रधान मुख्य अरण्यपाल को इस संदर्भ में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं।