सूत्रों की मानें तो मामले की जांच के दौरान अब तक आधा दर्जन लोगों ने बतौर सरकारी गवाह अपने बयान दर्ज कराने की रजामंदी दे दी है। उनकी रजामंदी के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने मामले में 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
नाम न लिखने की शर्त पर एक जांच अधिकारी ने बताया कि अगर इन गवाहों ने ब्यूरो को दिए बयानों को मजिस्ट्रेट के सामने दोहरा दिया तो उच्चपदस्थ अधिकारियों और पूर्व अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ना तय हैं।