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नए एनएच पर हटेंगे कब्जे, नहीं मिलेगा मुआवजा

Mon, 01 Aug 2016 10:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
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राजस्व एवं स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह - फोटो : अमर उजाला
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राजस्व एवं स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि हिमाचल को मिले नए एनएच पर अगर अवैध कब्जे पाए गए तो उन्हें हटा दिया जाएगा। अवैध कब्जाधारियों को इसका कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। कौल ने दो टूक कहा कि केंद्र सरकार बार-बार हिमाचल सरकार से डीपीआर मांगने का अलाप राग रही है। डीपीआर भारत सरकार ही बनाएगी।
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उन्होंने कहा कि एनएच के अधिगृहीत भू मालिकों को फैक्टर एक के तहत मुआवजा मिलेगा। धर्मशाला में ज्योतिष सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि चंबा, हमीरपुर और मंडी में मेडिकल कॉलेजों में कक्षाएं अगस्त से शुरू होंगी। इन मेडिकल कॉलेजों को निजी संस्थाएं नहीं बल्कि सरकार ही चलाएगी।

सरकार इन मेडिकल कॉलेजों को सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत चलाएगी। इन मेडिकल कॉलेजों में जो सेवारत डॉक्टर सेवाएं देना चाहेगा, उसे पदोन्नति मिलेगी। डॉक्टरों की कमी पर उन्होंने कहा कि ओपन मार्केट से भी डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। अभी प्रदेश में 600 डॉक्टरों की कमी है।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल कांग्रेस नेतृत्व में कोई झगड़ा नहीं है। जबकि, भाजपा में धूमल और नड्डा के दो गुट बन गए हैं। कांग्रेस में पिछली बार पार्टी के नियमों से बाहर जाकर चुनाव लड़ने वालों को बाहर किया गया था। उन्हें वापस लाने का फैसला हाईकमान ही करेगा।
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स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़ेंगी अब गांवों की सड़कें

हिमाचल प्रदेश में बनाई जा रही ग्रामीण सड़कों से संबंधित क्षेत्र के प्रमुख स्थानों को हर हाल में जोड़ना होगा। ये ग्रामीण सड़कें स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत कार्यालय, मुख्य बाजारों से होकर ही बनेंगी। इस बारे में मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक (आरसी) पी. मनोज कुमार ने हिमाचल सरकार को भी पत्र भेजा है।

निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों से नहीं जुड़ी बसावटों को बारहमासी सड़क से जोड़ना है। इससे नजदीकी मुख्य बाजार, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र आदि तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा ली गई परस्पर वार्ता बैठक के दौरान कुछ सांसदों ने शिकायत की है कि पीएमजीएसवाई के तहत निर्मित सड़कों के वांछित परिणाम नहीं मिल रहे हैं।

कई मामलों में ये सड़कें आबादी वाले क्षेत्र से शुरू होने से पहले या बसावट शुरू होने से पहले ही समाप्त हो जाती हैं। इस बारे में 28 अप्रैल 2011 को भेजे पत्र में भी राज्यों को सलाह दी गई है कि पीएमजीएसवाई के तहत डीपीआर तैयार करते समय सड़क के सर्वेक्षण को लक्षित बसावट के भीतर प्रमुख स्थान तक ले जाया जाएगा। इन निर्देशों की अनुपालना सख्ती से करने के निर्देश जारी किए गए हैं। हिमाचल सरकार के अधिकृत सूत्रों ने केंद्र से पत्र मिलने की पुष्टि की है।
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